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- 10h ago
उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता हुई एमबीए छात्रा बबीता पांडे का 26 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, वन विभाग और अन्य एजेंसियों द्वारा लगातार चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के बावजूद बबीता का पता नहीं चल सका है।
जानकारी के अनुसार नैनीताल जिले के रामनगर निवासी बबीता पांडे 29 मई को दयारा बुग्याल ट्रेक के दौरान गोई बेस कैंप क्षेत्र से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थीं। इसके बाद से प्रशासन ने बड़े स्तर पर खोज अभियान शुरू किया, जिसमें ड्रोन, डॉग स्क्वॉड, पर्वतीय बचाव दल और हेलीकॉप्टर तक की मदद ली गई, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।
जांच एजेंसियां अब तकनीकी पहलुओं पर भी फोकस कर रही हैं। मोबाइल सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि हर संभावित एंगल से जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।
इस बीच बबीता पांडे के लापता होने के मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के दौरान ट्रेकिंग परमिट से जुड़ी अनियमितताओं और फर्जी परमिट रैकेट की भी चर्चा सामने आई है, जिसकी अलग से जांच की जा रही है।
परिजन अब भी बबीता के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जबकि प्रशासन और बचाव एजेंसियां लगातार दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों, जंगलों, खाइयों और ट्रेक मार्गों पर सर्च अभियान चला रही हैं।
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