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- 11h ago
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। तीनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पुरानी फर्जी रसीद बुक बरामद हुई है। अब पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं इन रसीदों के जरिए श्रद्धालुओं से अवैध वसूली तो नहीं की गई।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने मामले के तीनों आरोपी लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय को 40 घंटे की रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान आरोपियों के कब्जे से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पुरानी फर्जी रसीद बुक बरामद हुई है। यह रसीद बुक हूबहू असली रसीद की तरह दिखाई देती है और उस पर ट्रस्ट का लोगो भी अंकित है, जिससे पहली नजर में इसकी पहचान करना मुश्किल है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी इन फर्जी रसीदों का इस्तेमाल कर श्रद्धालुओं से चंदे के नाम पर अवैध वसूली करते थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब ट्रस्ट में ऑफलाइन रसीद व्यवस्था लागू थी, तब इन रसीदों का इस्तेमाल किया जाता था। बाद में ट्रस्ट द्वारा ऑनलाइन रसीद प्रणाली शुरू होने के बाद आरोपियों ने इन फर्जी रसीदों का उपयोग बंद कर दिया था।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस फर्जीवाड़े का दायरा कितना बड़ा था और इसमें अन्य लोगों की भी संलिप्तता है या नहीं।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। तीनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पुरानी फर्जी रसीद बुक बरामद हुई है। अब पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं इन रसीदों के जरिए श्रद्धालुओं से अवैध वसूली तो नहीं की गई। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने मामले के तीनों आरोपी लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय को 40 घंटे की रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपियों के कब्जे से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पुरानी फर्जी रसीद बुक बरामद हुई है। यह रसीद बुक हूबहू असली रसीद की तरह दिखाई देती है और उस पर ट्रस्ट का लोगो भी अंकित है, जिससे पहली नजर में इसकी पहचान करना मुश्किल है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी इन फर्जी रसीदों का इस्तेमाल कर श्रद्धालुओं से चंदे के नाम पर अवैध वसूली करते थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब ट्रस्ट में ऑफलाइन रसीद व्यवस्था लागू थी, तब इन रसीदों का इस्तेमाल किया जाता था। बाद में ट्रस्ट द्वारा ऑनलाइन रसीद प्रणाली शुरू होने के बाद आरोपियों ने इन फर्जी रसीदों का उपयोग बंद कर दिया था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस फर्जीवाड़े का दायरा कितना बड़ा था और इसमें अन्य लोगों की भी संलिप्तता है या नहीं।
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