स्वीटी सुपारी परिवार की अनूठी पहल, स्व. सुरेश चन्द्र अग्रवाल की स्मृति में मेगा हेल्थ...
- 11h ago
प्रयागराज। कोरोना महामारी के दौरान मृतकों के परिजनों को मिलने वाले मुआवजे के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को अहम निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि पात्र लोगों को मुआवजा देने में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जा सकती और सरकार को तय प्रक्रिया के तहत मामलों का जल्द निस्तारण करना होगा।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजे का पात्र है, तो उसे समय पर राहत मिलनी चाहिए। अदालत ने सरकार से इस संबंध में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा।
कोरोना महामारी के दौरान बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों ने आर्थिक सहायता के लिए आवेदन किए थे। कई मामलों में भुगतान और दावों के निस्तारण में देरी को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया गया। इसी क्रम में हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और पात्र परिवारों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
अदालत की इस टिप्पणी को कोरोना प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए लंबित दावों का निस्तारण कितनी तेजी से करती है।
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