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- 11h ago
बिहार सरकार ने अपराध नियंत्रण और आपराधिक मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बोधगया में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन पर आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन के दौरान कहा कि इस पहल का उद्देश्य लंबित मामलों का तेजी से निपटारा, दोषियों को समय पर सजा और आम लोगों को जल्द न्याय उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से नई आपराधिक कानून व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार न्यायिक प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और आधुनिक फोरेंसिक सुविधाओं के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया जाएगा, जिससे अपराध की जांच और अभियोजन प्रक्रिया मजबूत हो सके।
इसके अलावा राज्य सरकार ने डायल-112 इमरजेंसी सेवा की औसत प्रतिक्रिया अवधि को मौजूदा लगभग 10 मिनट से घटाकर 7–8 मिनट करने का लक्ष्य भी रखा है। पुलिस थानों को आधुनिक उपकरणों और सीसीटीवी जैसी तकनीकों से लैस करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन कदमों से कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि हर महीने के दूसरे मंगलवार को पटना में राज्य स्तरीय 'सहयोग शिविर' आयोजित किया जाएगा। जिन लोगों की शिकायतों का स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं हो पाया है, वे इस शिविर में अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे। सरकार का कहना है कि त्वरित न्याय और प्रभावी प्रशासन ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है।
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