स्वीटी सुपारी परिवार की अनूठी पहल, स्व. सुरेश चन्द्र अग्रवाल की स्मृति में मेगा हेल्थ...
- 12h ago
लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के 18 अधिकारियों और अभियंताओं की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत हुई, वहां वर्षों से कथित रूप से अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसी लापरवाही को आधार बनाकर एलडीए ने जिम्मेदारी तय की है।
रिपोर्ट में तत्कालीन विहित प्राधिकारी, जोनल अधिकारियों, सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं समेत कुल 18 अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं। एलडीए उपाध्यक्ष ने यह रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है।
उधर, हादसे वाली इमारत के मालिक को ध्वस्तीकरण नोटिस भी जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि इमारत को मूल रूप से आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृति मिली थी, लेकिन बाद में वहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने लगीं। इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी भी गठित की गई है।
लखनऊ अग्निकांड के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग सेंटरों, होटलों और व्यावसायिक भवनों की फायर सेफ्टी जांच तेज कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर