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- 11h ago
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को देश का सबसे बड़ा स्किल हब बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। प्रदेश में 300 से अधिक राजकीय और 3,000 से ज्यादा निजी आईटीआई के विशाल नेटवर्क को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर उन्हें बेहतर नौकरी और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी कर पहले चरण में 149 राजकीय आईटीआई को आधुनिक मशीनों, स्मार्ट लैब और इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों से लैस करने का कार्य लगभग पूरा कर लिया है। दूसरे चरण में 62 और आईटीआई को अपग्रेड किया जाएगा। इस पूरी परियोजना पर ₹3,634 करोड़ खर्च किए जाएंगे और हर वर्ष लगभग 12,500 युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।
राज्य के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश के आईटीआई संस्थानों में करीब 4 लाख छात्र-छात्राएं तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यहां इलेक्ट्रिशियन, फिटर, वेल्डर, मोटर मैकेनिक, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित 150 से अधिक तकनीकी और गैर-तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, IoT और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे आधुनिक कोर्स भी शुरू किए जा रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए ₹1,000 करोड़ के स्टेट स्किल डेवलपमेंट फंड का भी प्रावधान किया है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत वर्ष 2024-25 में 4.63 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा। सरकार अब जिला स्तर पर स्किल मैपिंग कर स्थानीय उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दे रही है।
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