स्वीटी सुपारी परिवार की अनूठी पहल, स्व. सुरेश चन्द्र अग्रवाल की स्मृति में मेगा हेल्थ...
- 10h ago
गाजियाबाद से सामने आई एक ऐसी घटना जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। 38 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट को परिवार, पुलिस और सरकारी रिकॉर्ड में मृत मान लिया गया। मसूरी थाना क्षेत्र में मिले एक अज्ञात शव की पहचान उनके परिजनों ने गिरधर के रूप में की, जिसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया और पूरे रीति-रिवाज के साथ तेरहवीं भी संपन्न हो गई। हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने जांच शुरू कर दी। लेकिन कहानी में उस समय अप्रत्याशित मोड़ आया, जब गिरधर सिंह बिष्ट अचानक अपने घर वापस लौट आए।
गिरधर के अनुसार, वह नाराज़ होकर पंजाब में एक सत्संग में चले गए थे और परिवार से संपर्क नहीं किया। उनके अचानक लौटने से पुलिस जांच, शव की पहचान प्रक्रिया और पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर जिस व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया गया, वह कौन था? परिजनों से पहचान में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? क्या पुलिस ने पहचान की प्रक्रिया में लापरवाही बरती, या परिस्थितियां ऐसी थीं कि भ्रम पैदा हो गया?
अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की दोबारा जांच कर रही है और अज्ञात शव की वास्तविक पहचान पता लगाने की कोशिश में जुटी है। यह मामला न केवल रहस्य और हैरानी से भरा है, बल्कि पहचान प्रक्रिया और जांच प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी बड़े सवाल खड़े करता है। आखिर इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई क्या है? जानिए इस वायरल और चौंका देने वाले मामले की पूरी कहानी।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर