स्वीटी सुपारी परिवार की अनूठी पहल, स्व. सुरेश चन्द्र अग्रवाल की स्मृति में मेगा हेल्थ...
- 9h ago
धार्मिक नगरी मथुरा का रेलवे जंक्शन देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर रेलवे प्रशासन की लापरवाही लगातार सवालों के घेरे में है। ताजा मामला मथुरा रेलवे जंक्शन के फर्स्ट एंट्री गेट और वीआईपी मार्ग का है, जहां शाम ढलते ही पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है।
अंडरपास से लेकर स्टेशन बिल्डिंग तक बने पार्किंग एरिया में हाई मास्क लाइटें तो लगी हुई हैं, लेकिन अधिकांश लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। स्थिति यह है कि पूरे मार्ग में केवल एक-दो लाइट ही जल रही हैं, जिससे यात्रियों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय इस मार्ग पर अंधेरा इतना अधिक रहता है कि कभी भी कोई बड़ी आपराधिक घटना या हादसा हो सकता है। यह वही मार्ग है जहां से वीआईपी और वरिष्ठ अधिकारी भी गुजरते हैं, लेकिन उनके दौरे के दौरान व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर छिपा दी जाती है।
हाल ही में रेलवे के जीएम, डीआरएम समेत कई बड़े अधिकारियों का मथुरा दौरा हुआ था, लेकिन इसके बावजूद खराब लाइटों और बदहाल व्यवस्थाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। आरोप है कि स्थानीय अधिकारी उच्चाधिकारियों को जमीनी हकीकत से दूर रखते हैं ताकि उनकी लापरवाही उजागर न हो सके।
यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि फर्स्ट एंट्री गेट से लेकर पार्किंग क्षेत्र तक सभी हाई मास्क लाइटों को जल्द दुरुस्त कराया जाए और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना से बचा जा सके।
धार्मिक नगरी मथुरा का रेलवे जंक्शन देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर रेलवे प्रशासन की लापरवाही लगातार सवालों के घेरे में है। ताजा मामला मथुरा रेलवे जंक्शन के फर्स्ट एंट्री गेट और वीआईपी मार्ग का है, जहां शाम ढलते ही पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। अंडरपास से लेकर स्टेशन बिल्डिंग तक बने पार्किंग एरिया में हाई मास्क लाइटें तो लगी हुई हैं, लेकिन अधिकांश लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। स्थिति यह है कि पूरे मार्ग में केवल एक-दो लाइट ही जल रही हैं, जिससे यात्रियों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय इस मार्ग पर अंधेरा इतना अधिक रहता है कि कभी भी कोई बड़ी आपराधिक घटना या हादसा हो सकता है। यह वही मार्ग है जहां से वीआईपी और वरिष्ठ अधिकारी भी गुजरते हैं, लेकिन उनके दौरे के दौरान व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर छिपा दी जाती है। हाल ही में रेलवे के जीएम, डीआरएम समेत कई बड़े अधिकारियों का मथुरा दौरा हुआ था, लेकिन इसके बावजूद खराब लाइटों और बदहाल व्यवस्थाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। आरोप है कि स्थानीय अधिकारी उच्चाधिकारियों को जमीनी हकीकत से दूर रखते हैं ताकि उनकी लापरवाही उजागर न हो सके। यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि फर्स्ट एंट्री गेट से लेकर पार्किंग क्षेत्र तक सभी हाई मास्क लाइटों को जल्द दुरुस्त कराया जाए और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना से बचा जा सके।
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