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नई दिल्ली/लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन सरकार को पहले उनकी तीन प्रमुख मांगें माननी होंगी। इसके बाद ही पार्टी इस विधेयक का समर्थन करने पर विचार करेगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि महिला आरक्षण में PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग की महिलाओं के लिए भी अलग से भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि आरक्षण का लाभ सभी वर्गों की महिलाओं तक समान रूप से पहुंचे, तभी यह सामाजिक न्याय की भावना के अनुरूप होगा।
उन्होंने यह भी मांग की कि संशोधित व्यवस्था को 2027 से लागू किया जाए और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से हो। अखिलेश का कहना है कि यदि सरकार इन मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाती है तो समाजवादी पार्टी विधेयक के समर्थन पर विचार कर सकती है।
सपा प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है जब महिला आरक्षण और परिसीमन का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में है। माना जा रहा है कि संसद के आगामी सत्र में इस विषय पर व्यापक चर्चा हो सकती है। ऐसे में अखिलेश यादव की यह रणनीति राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अखिलेश के इस बयान के बाद महिला आरक्षण और सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है। अब सभी की नजर केंद्र सरकार के रुख और संसद में होने वाली आगे की चर्चा पर टिकी है।
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