गांव में सनसनी: बुजुर्ग की घर के अंदर खून से सनी लाश मिली, हत्या की आशंका
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वृंदावन। उत्तर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने रविवार को केंद्र सरकार के नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों के रवैये पर तीखा हमला बोला। वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि संसद में विपक्ष द्वारा किया गया विरोध उनकी महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि 16-17 अप्रैल को संसद में रखे गए महत्वपूर्ण विधेयकों का सपा, कांग्रेस और टीएमसी जैसे दलों ने कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने तकनीकी अड़ंगे लगाकर इस ऐतिहासिक बिल की राह में बाधा डाली। इनके हंगामे के कारण तीन में से दो प्रमुख विधेयक पारित नहीं हो सके, जिससे देश की करोड़ों महिलाएं अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित रह गई हैं। भाजपा विपक्ष के इस कृत्य की घोर निंदा करती है।
विपक्षी दलों द्वारा परिसीमन को लेकर उठाए जा रहे सवालों को खारिज करते हुए मंत्री ने कहा कि यह केवल तुष्टीकरण की राजनीति और जनता को भ्रमित करने का प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और इससे किसी भी राज्य के हितों का नुकसान नहीं होगा। प्रधानमंत्री मोदी के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस अधिनियम ने विपक्ष के असली चेहरे को जनता के सामने बेनकाब कर दिया है।
प्रेस वार्ता के दौरान गृहमंत्री अमित शाह के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए संदीप सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक महिलाओं को उनके हक से दूर रखा। वहीं टीएमसी पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा करने में विफल रहने वाली पार्टी अब संसद में महिला अधिकारों की राह रोक रही है।
मंत्री ने अंत में दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार महिलाओं को उनकी उचित हिस्सेदारी दिलाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने चेतावनी दी कि आज गांव-गांव की महिलाएं जागरूक हैं और अपने अधिकारों के लिए सक्रिय हैं। आने वाले समय में विपक्ष को महिलाओं के इस सामूहिक आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
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