परिक्रमा कर लौट रहे श्रद्धालुओं को ट्रेलर ने रौंदा, दो की मौत, 13 घायल...
- 19h ago
मथुरा में यमुना किनारे रहने वाले नाविक परिवारों की आजीविका पर संकट गहराता जा रहा है। कांग्रेस नेता मुकेश धनगर के नेतृत्व में नाविकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग उठाई। नाविकों का कहना है कि पिछले महीने केशी घाट पर हुए हादसे के बाद से उनकी नावों का संचालन बंद करा दिया गया है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
नाविकों का कहना है कि पंजाब से आए 16 श्रद्धालुओं की मौत के बाद प्रशासनिक कार्रवाई के चलते वे बीते एक महीने से घर बैठने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि हादसे में नाविकों की कोई गलती नहीं थी, बल्कि स्टीमर पीपा पुल से टकराया था, लेकिन कार्रवाई का असर पारंपरिक नाविकों पर पड़ा।
नाविकों ने नगर निगम द्वारा रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किए जाने और 5 हजार रुपये फीस लगाए जाने पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि इतनी आमदनी नहीं है कि भारी फीस जमा कर सकें, ऐसे में परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है।
ज्ञापन में यमुना संरक्षण परिषद ने रिवर फ्रंट घाट निर्माण और निजी क्रूज एवं मोटरबोट संचालन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे स्थानीय नाविकों का रोजगार प्रभावित हो रहा है। संविधान के अनुच्छेद 21, 19(1)(g), 14 और 23 का हवाला देते हुए नाविकों के अधिकारों की रक्षा की मांग की गई।
कांग्रेस नेता मुकेश धनगर ने कहा कि नाविक समाज के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर नाविकों को न्याय देना चाहिए।
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