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- 17h ago
मथुरा। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय में संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रक्तदाताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज अग्रवाल, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. रितु रंजन, रक्त केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सिद्धार्थ धनगर सहित अनेक चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी और सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सिद्धार्थ धनगर ने कहा कि "एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है।" उन्होंने बताया कि 18 से 65 वर्ष तक का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है तथा तीन माह के अंतराल के बाद दोबारा रक्तदान करना सुरक्षित होता है।
उन्होंने कहा कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और यह मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है, इसलिए अस्पतालों में मरीजों की जरूरतों को पूरा करने के लिए नियमित रक्तदान अत्यंत आवश्यक है।
संगोष्ठी में उपस्थित लोगों को नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान से न केवल जरूरतमंद मरीजों को जीवन मिलता है, बल्कि यह समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट योगदान देने वाले रक्तदाताओं और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले रक्तदाताओं ने भी लोगों से आगे आकर रक्तदान करने की अपील की।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि यदि अधिक से अधिक लोग नियमित रूप से रक्तदान करें तो रक्त की कमी से किसी भी मरीज की जान नहीं जाएगी। कार्यक्रम का समापन रक्तदान जागरूकता के संदेश के साथ हुआ।
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