यमुना में नाव संचालन के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, विश्राम घाट और केसी घाट पर प्रक्रिया शुरू

मथुरा-वृंदावन में यमुना नदी में नाव, मोटरबोट और स्टीमर संचालन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने नई गाइडलाइन लागू कर दी है। इसके तहत अब बिना रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के किसी भी प्रकार का नाव संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

इसी क्रम में आज से विश्राम घाट और वृंदावन के केसी घाट पर नावों का विधिवत रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया है। नगर निगम मथुरा-वृंदावन द्वारा इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सभी नाविकों को निर्धारित नियमों के अनुसार पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, जिसके बाद ही उन्हें यमुना में नाव चलाने की अनुमति दी जाएगी।

नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर यह नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत पंजीकरण के बाद केवल लाइसेंसधारी नाविक ही नाव, मोटरबोट और स्टीमर का संचालन कर सकेंगे। साथ ही सभी नावों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट रखना भी अनिवार्य कर दिया गया है।

प्रशासन ने पंजीकरण शुल्क भी निर्धारित किया है। इसमें छोटी नाव के लिए ₹1000, मोटरबोट के लिए ₹5000 और स्टीमर के लिए ₹10,000 शुल्क तय किया गया है। यह शुल्क जमा करने के बाद ही नाव का रजिस्ट्रेशन मान्य माना जाएगा।

प्रशासन ने सभी नाविकों से अपील की है कि वे समय रहते अपना पंजीकरण कराएं और नए नियमों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि यमुना में जल यातायात को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।