कोसीकलां मंडी में 17 लाख की धान खरीदकर व्यापारी फरार, करोड़ों की ठगी का आरोप
- 2h ago
वृंदावन के केशीघाट पर यमुना में डूबी नाव हादसे के बाद अब उम्मीदें टूट रही हैं। यमुना की गहराई में फंसी मोटरबोट को 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कल आधी रात को बाहर निकाल लिया गया। लेकिन प्रशासन और परिजनों की उम्मीदों को तब झटका लगा जब नाव के नीचे कोई भी लापता श्रद्धालु नहीं मिला। अब भी 5 परिवारों के चिराग लापता हैं और घटना स्थल पर सिर्फ चीखें और सिसकियाँ सुनाई दे रही हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन इतना चुनौतीपूर्ण था कि प्लास्टिक की मोटी रस्सियाँ भी जवाब दे गईं। आखिरकार लोहे की भारी जंजीरें और क्रेन मंगवाई गई, तब जाकर आधी रात को नाव को किनारे लाया जा सका। प्रशासन ने अब लापता लोगों की सूची जारी कर दी है। मनिक टंडन, पंकज मल्होत्रा, ऋषभ शर्मा, यश भल्ला और मोनिका का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है।
इस हादसे में जिंदा बचे एक युवक ने नाविक की बड़ी लापरवाही का खुलासा किया है। युवक के मुताबिक, 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवा के बीच नाव डगमगा रही थी। श्रद्धालु चिल्लाते रहे, नाविक ने नाव नहीं नहीं और नाविक की जिद ने उसे मौत की पीपा पुल से टकराने पर मजबूर कर दिया और फिर मोटर वोट डूब गई।आगरा रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार पांडे ने बताया कि नाव निकालने के बाद अब सर्च ऑपरेशन का दायरा कई किलोमीटर आगे तक बढ़ा दिया गया है। शनिवार की सुबह से ही NDRF और गोताखोरों की टीमें दोबारा यमुना की लहरों को खंगाल रही हैं।इधर जैसे-जैसे समय बीत रहा है, परिजनों का सब्र टूट रहा है। और घटना स्थल पर मौजूद परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बस अपने लापता सदस्यों की एक झलक पाने का इंतजार कर रहे हैं।वृंदावन से ब्रजवासी लाल की रिपोर्ट
अब जन्मदिन और सालगिरह के मौके पर अपनी शुभकामनाएं सिर्फ परिवार तक ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पहुंचाएं
ABHI NEWS के माध्यम से फोटो, नाम और संदेश के साथ अपनी जानकारी प्रकाशित कराएं
Link copied successfully!
{"id":"d9a70367-e6c0-478f-b9ee-16e5631f6661","external_id":null}