गौ-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने के निर्देश, समीक्षा बैठक में बनी कार्ययोजना

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता एवं सदस्य रमाकान्त उपाध्याय की उपस्थिति में निराश्रित गोवंशों के भरण-पोषण और गौ-आश्रय स्थलों के बेहतर संचालन को लेकर जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर वहां नैपियर घास और मुरिंगा के पौधों का रोपण कराया जाए, ताकि गौवंशों के लिए चारे की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने, एनजीओ के माध्यम से संचालन और मुख्यमंत्री सहभागिता योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि गौ-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर से बायोगैस, जैविक खाद और गमलों का निर्माण किया जाए, साथ ही गोमूत्र से पंचगव्य उत्पाद तैयार कर आय के स्रोत विकसित किए जाएं।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। अध्यक्ष ने जोर देते हुए कहा कि गौ-आश्रय स्थलों की आत्मनिर्भरता के लिए स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और इसके लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

हालांकि, अब देखने वाली बात यह होगी कि इस समीक्षा बैठक के निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना असर दिखता है या गौ-आश्रयों की स्थिति में कोई ठोस सुधार हो पाता है।