दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म का संदेश

  • संवाददाता: राजेश सोलंकी
  • 20h Ago 105 Views


मथुरा के जैन मंदिर चौरासी में चल रहे दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन श्रद्धा और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। आचार्य श्री 108 सूरत्न सागराचार्य जी महाराज के मंगल सानिध्य में आयोजित धर्मसभा में श्रद्धालुओं को उत्तम आर्जव धर्म का संदेश दिया गया।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि मन, वचन और कर्म में एकरूपता ही सच्चे आर्जव धर्म का लक्षण है। उन्होंने बताया कि सरलता, निष्कपटता और सत्यनिष्ठ जीवन ही आत्मशुद्धि तथा मोक्षमार्ग की आधारशिला हैं।

आचार्य श्री ने दशलक्षण पर्व और चातुर्मास की धार्मिक महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं से अपने जीवन में अहंकार, कपट और छल का त्याग कर आर्जव धर्म को अपनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जैन पंचायत के अध्यक्ष संजीव जैन, सेठ विजय कुमार, राजू जैन, प्रमोद जैन, पाना शाह, पवन जैन, वीरेंद्र जैन, विशेष जैन, आलोक जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं महिलाओं ने धर्मसभा में सहभागिता कर प्रवचनों का लाभ प्राप्त किया।

🔴 LIVE UPDATES

Abhi News YouTube चैनल को Subscribe करें

ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं

▶ Subscribe Now