ब्रजभूमि में गूंजा वैदिक घोष: श्री कुंज बिहारी दास जी महाराज बने महामंडलेश्वर

पावन नगरी वृंदावन में आज एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक क्षण देखने को मिला, जब जुगल जोड़ी परिक्रमा मार्ग स्थित रंगीली कुंज आश्रम में भक्ति, वैराग्य और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम साकार हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और संतों के आशीर्वाद के बीच श्री कुंज बिहारी दास जी महाराज का भव्य अभिषेक कर उन्हें ‘महामंडलेश्वर’ की प्रतिष्ठित उपाधि से विभूषित किया गया।

समारोह का आयोजन खड्दर्शन साधु समाज की राष्ट्रीय समिति के तत्वावधान में हुआ, जिसमें सर्वसम्मति से आश्रम के अध्यक्ष श्री कुंज बिहारी दास जी महाराज को यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया। अब वे “अनंत श्री विभूषित 10008 महामंडलेश्वर स्वामी श्री कुंज बिहारी दास जी महाराज” के रूप में सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार करेंगे।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत श्री गोपाल गिरी महाराज के मंगलाचरण से हुआ। शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ संपन्न इस अनुष्ठान में वृंदावन के प्रमुख संतों ने नव-नियुक्त महामंडलेश्वर को पारंपरिक चादर ओढ़ाकर एवं तिलक लगाकर धर्म-रक्षा का संकल्प दिलाया।

इस आध्यात्मिक आयोजन में ऋषिकेश से पधारे उपाध्यक्ष स्वामी सुरेशानंद जी महाराज, स्वामी गौरव स्वरूप, महामंडलेश्वर स्वामी ब्रह्मानंद जी महाराज, विज्ञान आश्रम के महंत माधव गुरु एवं महंत ब्रह्म ऋषि जी महाराज सहित अनेक संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

नवनियुक्त महामंडलेश्वर ने इस अवसर पर संकल्प व्यक्त किया कि वे अपने जीवन को सनातन धर्म और पुष्टिमार्ग के प्रचार-प्रसार हेतु समर्पित करेंगे तथा धर्म की ध्वजा को विश्वभर में ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।