श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह केस: संशोधन प्रार्थना पत्र पर हिंदू पक्ष दाखिल करेगा आपत्ति, अगली सुनवाई...
- 10h ago
कार्यशाला में कपिल मीणा ने कहा कि फसल विविधीकरण, आधुनिक सिंचाई, संरक्षित खेती, कोल्ड-चेन, पैक हाउस और मूल्य संवर्धन जैसी तकनीकों से कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने अपने बीएससी कृषि से आईएएस तक के प्रेरणादायक सफर को साझा करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन, दृढ़ संकल्प और उद्यमिता के साथ करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. एम.बी. चेट्टी ने कहा कि बागवानी किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। वहीं उप प्रबंध निदेशक डॉ. विजय कुमार दोहरे ने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की योजनाओं, वित्तीय सहायता और कृषि उद्यमिता के अवसरों की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में डॉ. कंचन कुमार सिंह ने अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर में आयोजित कार्यशाला में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के प्रबंध निदेशक कपिल मीणा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को बागवानी विकास केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए गेहूं-धान से आगे बढ़कर फल, सब्जी, फूल और उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों को अपनाने की आवश्यकता बताई। कार्यशाला में कपिल मीणा ने कहा कि फसल विविधीकरण, आधुनिक सिंचाई, संरक्षित खेती, कोल्ड-चेन, पैक हाउस और मूल्य संवर्धन जैसी तकनीकों से कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने अपने बीएससी कृषि से आईएएस तक के प्रेरणादायक सफर को साझा करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन, दृढ़ संकल्प और उद्यमिता के साथ करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. एम.बी. चेट्टी ने कहा कि बागवानी किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। वहीं उप प्रबंध निदेशक डॉ. विजय कुमार दोहरे ने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की योजनाओं, वित्तीय सहायता और कृषि उद्यमिता के अवसरों की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में डॉ. कंचन कुमार सिंह ने अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर
Link copied successfully!