दूरबीन से ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत, दूसरे ऑपरेशन के बाद गई महिला की जान...
- 9h ago
गोवर्धन स्थित प्रसिद्ध माँ मंशा देवी मंदिर में चोरी और चढ़ावे को लेकर चल रहा विवाद अब पुलिस प्रशासन तक पहुंच गया है। मंदिर के पुजारी की पत्नी शिखा चतुर्वेदी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मंदिर में चोरी के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे परिवार को बदनाम करने की साजिश करार दिया।
शिखा चतुर्वेदी का कहना है कि उनका परिवार पिछले करीब 125 वर्षों से पारंपरिक रूप से मंदिर की सेवा करता आ रहा है। उनका आरोप है कि दीवान सिंह और कुछ अन्य लोग कथित ट्रस्ट के नाम पर उनसे 50 हजार रुपये प्रतिमाह की मांग कर रहे थे। विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता की गई और सोशल मीडिया पर झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया।
वहीं, दीवान सिंह ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मंदिर में चोरी पुजारी परिवार द्वारा की गई है और उनके पास इसके पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि महापंचायत के बाद आरोपियों को मंदिर से हटाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस पूरे मामले की पुलिस जांच जारी है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं और अभी तक किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गोवर्धन स्थित प्रसिद्ध माँ मंशा देवी मंदिर में चोरी और चढ़ावे को लेकर चल रहा विवाद अब पुलिस प्रशासन तक पहुंच गया है। मंदिर के पुजारी की पत्नी शिखा चतुर्वेदी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मंदिर में चोरी के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे परिवार को बदनाम करने की साजिश करार दिया। शिखा चतुर्वेदी का कहना है कि उनका परिवार पिछले करीब 125 वर्षों से पारंपरिक रूप से मंदिर की सेवा करता आ रहा है। उनका आरोप है कि दीवान सिंह और कुछ अन्य लोग कथित ट्रस्ट के नाम पर उनसे 50 हजार रुपये प्रतिमाह की मांग कर रहे थे। विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता की गई और सोशल मीडिया पर झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया। वहीं, दीवान सिंह ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मंदिर में चोरी पुजारी परिवार द्वारा की गई है और उनके पास इसके पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि महापंचायत के बाद आरोपियों को मंदिर से हटाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस पूरे मामले की पुलिस जांच जारी है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं और अभी तक किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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