दूरबीन से ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत, दूसरे ऑपरेशन के बाद गई महिला की जान...
- 9h ago
मथुरा। गोवर्धन चौराहा स्थित आरएस स्टोन अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मृतका की पहचान 54 वर्षीय बेगवती, निवासी हाथरस गेट, के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि पित्त की थैली (गॉल ब्लैडर) के दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) ऑपरेशन के बाद तबीयत बिगड़ने पर बिना उनकी सहमति दूसरा ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद मरीज की हालत और गंभीर हो गई तथा अंततः उनकी मौत हो गई।
मृतका की बहन सुमन का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद भी बेगवती की हालत ठीक नहीं थी, लेकिन डॉक्टर उन्हें छुट्टी देने का दबाव बना रहे थे। अचानक तबीयत बिगड़ने पर आनन-फानन में दूसरा ऑपरेशन कर दिया गया और देर रात तक परिजनों को वेंटिलेटर के नाम पर भरोसा दिलाया जाता रहा। उनका कहना है कि जब रात करीब 12 बजे रेफर करने की बात कही गई, तब तक बेगवती की मौत हो चुकी थी।
वहीं, मृतका के बेटे प्रमोद ने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत कार्ड होने के बावजूद जांच और दवाओं के नाम पर 45 से 50 हजार रुपये वसूले गए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि तहरीर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा। गोवर्धन चौराहा स्थित आरएस स्टोन अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मृतका की पहचान 54 वर्षीय बेगवती, निवासी हाथरस गेट, के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि पित्त की थैली (गॉल ब्लैडर) के दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) ऑपरेशन के बाद तबीयत बिगड़ने पर बिना उनकी सहमति दूसरा ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद मरीज की हालत और गंभीर हो गई तथा अंततः उनकी मौत हो गई। मृतका की बहन सुमन का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद भी बेगवती की हालत ठीक नहीं थी, लेकिन डॉक्टर उन्हें छुट्टी देने का दबाव बना रहे थे। अचानक तबीयत बिगड़ने पर आनन-फानन में दूसरा ऑपरेशन कर दिया गया और देर रात तक परिजनों को वेंटिलेटर के नाम पर भरोसा दिलाया जाता रहा। उनका कहना है कि जब रात करीब 12 बजे रेफर करने की बात कही गई, तब तक बेगवती की मौत हो चुकी थी। वहीं, मृतका के बेटे प्रमोद ने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत कार्ड होने के बावजूद जांच और दवाओं के नाम पर 45 से 50 हजार रुपये वसूले गए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि तहरीर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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