मथुरा में नवरात्रि पर निकली नौ देवियों की भव्य झांकी, नन्हे-मुन्नों ने दिया नारी शक्ति...
- 8m ago
मथुरा-वृंदावन। धर्मनगरी मथुरा-वृंदावन में दीपावली और यम द्वितीया जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले सफाई व्यवस्था को लेकर संकट गहराने की आशंका है। नगर निगम की बोर्ड बैठक पिछले छह माह से नहीं होने के कारण 540 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति का प्रस्ताव लंबित पड़ा है। इससे नाराज सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 27 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई, तो वे 1 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। ऐसे में त्योहारों के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
मथुरा-वृंदावन नगर निगम में बोर्ड बैठक नहीं होने का असर अब विकास कार्यों के साथ-साथ सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति पर भी दिखाई दे रहा है। पिछले छह महीने से 540 सफाई कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव अटका हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो दीपावली और यम द्वितीया के दौरान सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल को हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में डूडा के माध्यम से 540 सफाई कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव पारित किया गया था। हालांकि, प्रस्ताव पर महापौर के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद से ही भर्ती का मामला लंबित चल रहा है।
बताया जाता है कि नियुक्ति की उम्मीद में कर्मचारियों से मथुरा-वृंदावन के विभिन्न वार्डों में करीब 15 दिनों तक सफाई कार्य भी कराया गया था। लेकिन छह महीने बीतने के बावजूद नियुक्ति को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की कमी के चलते नई भर्ती की मांग लंबे समय से उठ रही है। कई पार्षदों की पहल पर ही 540 कर्मचारियों की नियुक्ति का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में लाया गया था।
सफाई कर्मचारी नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर महापौर से मुलाकात भी की थी। बताया जाता है कि उस दौरान महापौर ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं हो पाने को अपनी चूक माना था। इसके बावजूद नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कर्मचारियों का कहना है कि जब भर्ती का प्रस्ताव पारित हो चुका है, तो उसकी आगे की प्रक्रिया पूरी करने में हो रही देरी पर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। लगातार इंतजार और आश्वासनों के बीच अब कर्मचारी दोबारा आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
इससे पहले सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की थी। उस दौरान नगर आयुक्त ने जल्द बोर्ड बैठक बुलाकर भर्ती प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने का आश्वासन दिया था। इसी भरोसे पर कर्मचारियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था।
अब कर्मचारियों का कहना है कि बोर्ड बैठक लगातार टलने और उनकी मांगों पर निर्णय नहीं होने से उनके सामने आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि 27 अक्टूबर तक ठोस पहल नहीं हुई तो 1 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर