शेरगढ़ पुलिस ने महिलाओं और छात्राओं को किया जागरूक, साइबर अपराध से बचाव के बताए...
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मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) ने अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ अभियान तेज करते हुए मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर बाद पुल के पास विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। राधारानी ढाबा और एमआरएफ टायर शोरूम के बगल में की गई इस कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के प्रवर्तन दल ने मौके पर बनी बाउंड्रीवॉल, सड़क और एक निर्मित भवन को ध्वस्त कर दिया।
प्राधिकरण के अनुसार, रामजी लाल मिश्री द्वारा करीब तीन बीघा भूमि पर बिना स्वीकृति के कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इस मामले में उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की संबंधित धाराओं के तहत वाद संख्या 445/2023-24 दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद 27 सितंबर को ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया गया था।
MVDA के मुताबिक, इससे पहले भी उक्त कॉलोनी के खिलाफ 3 दिसंबर और 26 मई को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी थी। इसके बावजूद दोबारा कॉलोनी का विस्तार किए जाने और आंतरिक विकास कार्य कराए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद मंगलवार को प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया।
यह कार्रवाई प्राधिकरण की उपाध्यक्ष के निर्देशन में प्रवर्तन दल द्वारा की गई। MVDA के सचिव आशीष सिंह ने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। बिना स्वीकृति कॉलोनी विकसित करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर में अनियोजित विकास पर रोक लगाना और लोगों को बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों में निवेश करने से होने वाले संभावित नुकसान के प्रति सतर्क करना है।
मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) ने अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ अभियान तेज करते हुए मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर बाद पुल के पास विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। राधारानी ढाबा और एमआरएफ टायर शोरूम के बगल में की गई इस कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के प्रवर्तन दल ने मौके पर बनी बाउंड्रीवॉल, सड़क और एक निर्मित भवन को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण के अनुसार, रामजी लाल मिश्री द्वारा करीब तीन बीघा भूमि पर बिना स्वीकृति के कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इस मामले में उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की संबंधित धाराओं के तहत वाद संख्या 445/2023-24 दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद 27 सितंबर को ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया गया था। MVDA के मुताबिक, इससे पहले भी उक्त कॉलोनी के खिलाफ 3 दिसंबर और 26 मई को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी थी। इसके बावजूद दोबारा कॉलोनी का विस्तार किए जाने और आंतरिक विकास कार्य कराए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद मंगलवार को प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। यह कार्रवाई प्राधिकरण की उपाध्यक्ष के निर्देशन में प्रवर्तन दल द्वारा की गई। MVDA के सचिव आशीष सिंह ने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। बिना स्वीकृति कॉलोनी विकसित करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर में अनियोजित विकास पर रोक लगाना और लोगों को बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों में निवेश करने से होने वाले संभावित नुकसान के प्रति सतर्क करना है।
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