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उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में 1 करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। लखपति दीदी योजना, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी पहलों के जरिए महिलाओं को रोजगार और नियमित आय के अवसर मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर मां महागौरी की पूजा-अर्चना के अवसर पर नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब महिलाएं स्वस्थ और सुरक्षित हों, बेटियों को बेहतर पोषण और शिक्षा मिले तथा प्रत्येक महिला सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन जी सके।
1. 1.20 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं
मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाएं अपनी आजीविका मजबूत करने और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।
2. लखपति दीदी योजना से आय बढ़ाने पर जोर
लखपति दीदी पहल के जरिए महिलाओं को अपनी मेहनत, हुनर और उद्यमिता के माध्यम से नियमित आय अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के अवसर देना है।
3. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹3,000 से बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह किया गया है। उनके अनुसार, स्वास्थ्य बीमा सहित अन्य सुविधाओं के माध्यम से भी उनके कल्याण पर ध्यान दिया जा रहा है।
4. दुग्ध उत्पादन से ग्रामीण महिलाओं को अवसर
मुख्यमंत्री के मुताबिक, बलिनी, सामर्थ्य, काशी, बाबा गोरखनाथ और सृजनी जैसी दुग्ध उत्पादक कंपनियों से 31 जिलों की 4 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। दुग्ध उत्पादन के माध्यम से महिलाएं आय अर्जित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योगदान देने के अवसर प्राप्त कर रही हैं।
5. बीसी सखी पहल से वित्तीय सेवाओं तक पहुंच
बीसी सखी पहल के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों के साथ वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा मिलता है।
6. पोषण और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को टेक होम राशन के उत्पादन और वितरण की जिम्मेदारी से जोड़ने का उद्देश्य पोषण सेवाओं को मजबूत करना और महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा देना है।
महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य केवल आर्थिक कमाई तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करना भी है। उत्तर प्रदेश में संचालित विभिन्न योजनाओं के जरिए महिलाओं को इन क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
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