कोसीकलां रामलीला में बाली-सुग्रीव लीला का भव्य मंचन, अलौकिक झांकियों ने मोहा मन

  • संवाददाता: देवेश गौड़
  • 14h Ago 79 Views


मथुरा। कोसीकलां की ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव में बाली-सुग्रीव लीला एवं सती मोह प्रसंग का भव्य मंचन किया गया। धार्मिक आस्था, भक्ति और श्रद्धा से सराबोर इस आयोजन में नगर की सड़कों पर निकलीं आकर्षक झांकियों और अलौकिक सवारियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भगवान श्रीराम की लीलाओं के सुंदर चित्रण और भगवान हनुमान जी के मनोहारी डोले के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य अतिथि शशांक सोनी ने ठाकुर जी की आरती उतारकर झांकियों का शुभारंभ किया। इसके बाद रामनगर स्थित काली मंदिर से निकले भगवान हनुमान जी के अलौकिक एवं मनोहारी डोले की आरती मुख्य अतिथि विपिन चंद्र भट्टा वालों ने उतारी। शोभायात्रा में तारा-बाली परिवार, सुग्रीव और जामवंत की आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इन झांकियों ने श्रद्धालुओं को धार्मिक भावनाओं से जोड़ते हुए भगवान श्रीराम की लीलाओं की याद दिलाई।

नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने झांकियों का स्वागत किया और आरती-पूजन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इसके बाद सभी सवारियां रामलीला मैदान पहुंचीं, जहां आज की लीला के मुख्य अतिथि नवीन मंगला ने ठाकुर जी की आरती उतारकर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। रामलीला के कलाकारों ने बाली-सुग्रीव लीला एवं सती मोह प्रसंग का प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम की मर्यादा, भक्ति और आदर्शों का संदेश दिया गया।

रामलीला महोत्सव को भव्य एवं व्यवस्थित बनाने में संस्थान के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। झांकियों एवं आयोजन की व्यवस्थाओं में संयोजक राहुल कामिया, अध्यक्ष गिर्राज चौधरी, बॉबी ठाकुर, हरीश, सौरभ जैन, विजय शर्मा, नरेंद्र अग्रवाल, हिमांशु जायसवाल, ध्रुव शर्मा, अमित जैन, पवन सिंह, सार्थक शर्मा, देवेश त्यागी, कार्तिक चौधरी सहित संस्थान की कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य सक्रिय रूप से जुटे रहे।

संस्थान के मोहन दत्त शर्मा और कल्पेश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि 19 अक्टूबर को मां भगवती मंदिर, गोमती कुंड पर डोंगा लीला का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने नगरवासियों एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धार्मिक आयोजन में सहभागी बनने और धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की।

कोसीकलां की ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव नगर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम की लीलाओं, भारतीय संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है।

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