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- 22m ago
मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण के चरित्र को लेकर कथा प्रवक्ता धीरेंद्र शास्त्री की कथित टिप्पणी का मामला अब मथुरा में भी चर्चा का विषय बन गया है। इसको लेकर अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। गुरुवार को स्थानीय होटल में संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने धीरेंद्र शास्त्री के कथित बयानों पर आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे यादव समाज की भावनाओं और भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान से जुड़ा विषय बताया।
बैठक में जिला अध्यक्ष संजय यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। उनके चरित्र और व्यक्तित्व को लेकर धार्मिक मंचों से ऐसी टिप्पणियां नहीं की जानी चाहिए, जिनसे किसी समाज अथवा समुदाय की भावनाएं आहत हों। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक मंचों का उद्देश्य समाज को जोड़ना, सद्भाव बढ़ाना और लोगों को सही दिशा दिखाना होना चाहिए।
संजय यादव ने कहा कि एक ओर हिंदू समाज को एकजुट करने की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर इस प्रकार की टिप्पणियां समाज के भीतर आपसी वैमनस्य और जातिवाद को बढ़ावा दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन और उनका चरित्र करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे में उनके संबंध में किसी भी प्रकार की विवादित टिप्पणी करना और उसका समर्थन करना उचित नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यादव समाज भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान के मुद्दे पर एकजुट है और समाज की भावनाओं से जुड़े विषयों पर अपनी आवाज उठाता रहेगा। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी इस विषय पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की बात कही।
बैठक के दौरान यादव महासभा ने धार्मिक ट्रस्टों की आय और उनके खर्चों की पारदर्शिता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। जिला अध्यक्ष संजय यादव ने सरकार से मांग की कि धार्मिक ट्रस्टों को मिलने वाली धनराशि और उनकी आय के स्रोतों की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी सार्वजनिक किया जाए कि ट्रस्टों की कुल आय का कितना हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबों की सहायता और अन्य सामाजिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों पर खर्च किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं और ट्रस्टों के माध्यम से समाज के जरूरतमंद वर्गों को शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए आय और व्यय का पारदर्शी विवरण सार्वजनिक होना आवश्यक है।
बैठक में अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान, समाज की भावनाओं की रक्षा और सामाजिक एकता बनाए रखने के लिए संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया।
मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण के चरित्र को लेकर कथा प्रवक्ता धीरेंद्र शास्त्री की कथित टिप्पणी का मामला अब मथुरा में भी चर्चा का विषय बन गया है। इसको लेकर अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। गुरुवार को स्थानीय होटल में संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने धीरेंद्र शास्त्री के कथित बयानों पर आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे यादव समाज की भावनाओं और भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान से जुड़ा विषय बताया। बैठक में जिला अध्यक्ष संजय यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। उनके चरित्र और व्यक्तित्व को लेकर धार्मिक मंचों से ऐसी टिप्पणियां नहीं की जानी चाहिए, जिनसे किसी समाज अथवा समुदाय की भावनाएं आहत हों। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक मंचों का उद्देश्य समाज को जोड़ना, सद्भाव बढ़ाना और लोगों को सही दिशा दिखाना होना चाहिए। संजय यादव ने कहा कि एक ओर हिंदू समाज को एकजुट करने की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर इस प्रकार की टिप्पणियां समाज के भीतर आपसी वैमनस्य और जातिवाद को बढ़ावा दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन और उनका चरित्र करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे में उनके संबंध में किसी भी प्रकार की विवादित टिप्पणी करना और उसका समर्थन करना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यादव समाज भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान के मुद्दे पर एकजुट है और समाज की भावनाओं से जुड़े विषयों पर अपनी आवाज उठाता रहेगा। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी इस विषय पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की बात कही। बैठक के दौरान यादव महासभा ने धार्मिक ट्रस्टों की आय और उनके खर्चों की पारदर्शिता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। जिला अध्यक्ष संजय यादव ने सरकार से मांग की कि धार्मिक ट्रस्टों को मिलने वाली धनराशि और उनकी आय के स्रोतों की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी सार्वजनिक किया जाए कि ट्रस्टों की कुल आय का कितना हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबों की सहायता और अन्य सामाजिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं और ट्रस्टों के माध्यम से समाज के जरूरतमंद वर्गों को शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए आय और व्यय का पारदर्शी विवरण सार्वजनिक होना आवश्यक है। बैठक में अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान, समाज की भावनाओं की रक्षा और सामाजिक एकता बनाए रखने के लिए संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया।
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