नौहझील पुलिस ने तमंचा-कारतूस समेत वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार
- 8h ago
मथुरा/वृंदावन। संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य और उपचार को लेकर फलाहारी महाराज की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र भेजे जाने की बात सामने आई है। पत्र में महाराज के स्वास्थ्य, सुरक्षा और उपचार व्यवस्था को लेकर कई गंभीर आशंकाएं जताई गई हैं।
फलाहारी महाराज ने आरोप लगाया है कि प्रेमानंद महाराज के उपचार में कुछ निजी चिकित्सकों की भूमिका को लेकर उन्हें आशंका है और कथित तौर पर कुछ लोग उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र कर सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पत्र में आश्रम की संपत्ति को लेकर दो गुट होने का दावा करते हुए एक गुट पर भूमाफिया से जुड़े होने के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही आश्रम में रहने वाले संदिग्ध या आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का पुलिस सत्यापन कराने की मांग की गई है।
फलाहारी महाराज ने महाराज के भोजन की भी जांच कराए जाने की मांग की है। पत्र में आशंका जताई गई है कि किसी साधक के माध्यम से भोजन में विषाक्त पदार्थ मिलाकर नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इन आशंकाओं के मद्देनजर भोजन की जांच और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है।
इसके अलावा प्रेमानंद महाराज के डायलिसिस एवं उपचार को लेकर भी विशेष व्यवस्था की मांग की गई है। पत्र में कहा गया है कि सरकारी स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के बावजूद उपचार के लिए विशेष सरकारी मेडिकल टीम गठित की जाए और डायलिसिस की प्रक्रिया की निगरानी सुनिश्चित की जाए।
फलाहारी महाराज ने यह भी कहा है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह अपनी किडनी दान करने के लिए तैयार हैं।
पत्र में महाराज की सुरक्षा और उपचार व्यवस्था को लेकर संत समाज की ओर से गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। फलाहारी महाराज ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में संत समाज द्वारा आमरण अनशन किए जाने की चेतावनी भी दी है।
मथुरा/वृंदावन। संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य और उपचार को लेकर फलाहारी महाराज की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र भेजे जाने की बात सामने आई है। पत्र में महाराज के स्वास्थ्य, सुरक्षा और उपचार व्यवस्था को लेकर कई गंभीर आशंकाएं जताई गई हैं। फलाहारी महाराज ने आरोप लगाया है कि प्रेमानंद महाराज के उपचार में कुछ निजी चिकित्सकों की भूमिका को लेकर उन्हें आशंका है और कथित तौर पर कुछ लोग उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र कर सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पत्र में आश्रम की संपत्ति को लेकर दो गुट होने का दावा करते हुए एक गुट पर भूमाफिया से जुड़े होने के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही आश्रम में रहने वाले संदिग्ध या आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का पुलिस सत्यापन कराने की मांग की गई है। फलाहारी महाराज ने महाराज के भोजन की भी जांच कराए जाने की मांग की है। पत्र में आशंका जताई गई है कि किसी साधक के माध्यम से भोजन में विषाक्त पदार्थ मिलाकर नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इन आशंकाओं के मद्देनजर भोजन की जांच और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है। इसके अलावा प्रेमानंद महाराज के डायलिसिस एवं उपचार को लेकर भी विशेष व्यवस्था की मांग की गई है। पत्र में कहा गया है कि सरकारी स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के बावजूद उपचार के लिए विशेष सरकारी मेडिकल टीम गठित की जाए और डायलिसिस की प्रक्रिया की निगरानी सुनिश्चित की जाए। फलाहारी महाराज ने यह भी कहा है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह अपनी किडनी दान करने के लिए तैयार हैं। पत्र में महाराज की सुरक्षा और उपचार व्यवस्था को लेकर संत समाज की ओर से गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। फलाहारी महाराज ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में संत समाज द्वारा आमरण अनशन किए जाने की चेतावनी भी दी है।
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