कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1.10 लाख रुपये और चोरी के कपड़ों के साथ आरोपी...
- 14h ago
उत्तराखंड में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद मुख्य मंच को कथित तौर पर गंगाजल से धोए जाने को लेकर मथुरा में सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने इस घटना का आरोप भाजपा और आरएसएस पर लगाते हुए आज विकास मार्केट स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। पूर्व कांग्रेस विधायक प्रदीप माथुर, पंडित नीरज शर्मा, महानगर अध्यक्ष यतेंद्र मुकद्दम, राजन पाठक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि किसी मंच को किसी नेता की सभा के बाद गंगाजल से धोया गया है तो यह जातिगत भेदभाव और दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। नेताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह की घटना समाज में भेदभाव की भावना को बढ़ावा देती है।
धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘रघुपति राघव राजाराम’ का सामूहिक गायन किया और सामाजिक समानता तथा भाईचारे का संदेश दिया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और किसी भी तरह का जातिगत भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने भाजपा और आरएसएस से इस कथित घटना पर जवाब देने की मांग की।
वहीं, इस पूरे मामले को लेकर भाजपा की ओर से सामने आने वाली प्रतिक्रिया का भी इंतजार है। घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने के आसार हैं।
उत्तराखंड में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद मुख्य मंच को कथित तौर पर गंगाजल से धोए जाने को लेकर मथुरा में सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने इस घटना का आरोप भाजपा और आरएसएस पर लगाते हुए आज विकास मार्केट स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। पूर्व कांग्रेस विधायक प्रदीप माथुर, पंडित नीरज शर्मा, महानगर अध्यक्ष यतेंद्र मुकद्दम, राजन पाठक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि किसी मंच को किसी नेता की सभा के बाद गंगाजल से धोया गया है तो यह जातिगत भेदभाव और दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। नेताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह की घटना समाज में भेदभाव की भावना को बढ़ावा देती है। धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘रघुपति राघव राजाराम’ का सामूहिक गायन किया और सामाजिक समानता तथा भाईचारे का संदेश दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और किसी भी तरह का जातिगत भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने भाजपा और आरएसएस से इस कथित घटना पर जवाब देने की मांग की। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर भाजपा की ओर से सामने आने वाली प्रतिक्रिया का भी इंतजार है। घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने के आसार हैं।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर
Link copied successfully!