कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1.10 लाख रुपये और चोरी के कपड़ों के साथ आरोपी...
- 13h ago
मथुरा में बारिश ने एक बार फिर भूतेश्वर रेलवे पुल की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज करीब 10 मिनट की बारिश के बाद भूतेश्वर पुल के नीचे पानी भर गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सबसे ज्यादा दिक्कत पैदल श्रद्धालुओं को हुई। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की ओर जाने वाले कई श्रद्धालु पानी से होकर गुजरते नजर आए, जबकि कुछ लोग जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करते दिखाई दिए। पहले भी भूतेश्वर अंडरपास में जलभराव के कारण लोगों के रेलवे ट्रैक पार करने की तस्वीरें सामने आती रही हैं।
जलभराव के कारण कई कार, स्कूटी और मोटरसाइकिलें पानी में बंद हो गईं।
दरअसल, भूतेश्वर अंडरपास की जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम ने करीब 5.84 करोड़ रुपये की लागत से 1800 मीटर लंबी और 800 एमएम की पाइपलाइन बिछाने की योजना शुरू की थी। पाइपलाइन को भूतेश्वर से मसानी नाले तक ले जाने और पंपों के जरिए पानी की निकासी की व्यवस्था का दावा किया गया था।
लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी लागत से पाइपलाइन बिछाने के बावजूद अगर कुछ ही मिनट की बारिश में पुल पानी से लबालब हो जाए, तो व्यवस्था में कमी कहां रह गई? क्या करोड़ों रुपये की परियोजना अपने उद्देश्य में सफल हुई या फिर जनता के पैसे के इस्तेमाल पर जवाबदेही तय होनी चाहिए?
यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले दिनों नगर निगम की ओर से भूतेश्वर अंडरपास की जलभराव समस्या के समाधान का दावा किया गया था, लेकिन बारिश के बाद फिर जलभराव की स्थिति सामने आई।
अब जन्माष्टमी में महज 17 दिन बाकी हैं। ऐसे में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। अगर बारिश के दौरान यही स्थिति बनी रही तो श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
एक तरफ शहर की कई सड़कों पर एक-एक फीट तक गड्ढे और जलभराव की समस्या है, तो दूसरी तरफ भूतेश्वर पुल बारिश में पानी से तरबतर नजर आ रहा है।
मथुरा में बारिश ने एक बार फिर भूतेश्वर रेलवे पुल की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज करीब 10 मिनट की बारिश के बाद भूतेश्वर पुल के नीचे पानी भर गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत पैदल श्रद्धालुओं को हुई। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की ओर जाने वाले कई श्रद्धालु पानी से होकर गुजरते नजर आए, जबकि कुछ लोग जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करते दिखाई दिए। पहले भी भूतेश्वर अंडरपास में जलभराव के कारण लोगों के रेलवे ट्रैक पार करने की तस्वीरें सामने आती रही हैं। जलभराव के कारण कई कार, स्कूटी और मोटरसाइकिलें पानी में बंद हो गईं। दरअसल, भूतेश्वर अंडरपास की जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम ने करीब 5.84 करोड़ रुपये की लागत से 1800 मीटर लंबी और 800 एमएम की पाइपलाइन बिछाने की योजना शुरू की थी। पाइपलाइन को भूतेश्वर से मसानी नाले तक ले जाने और पंपों के जरिए पानी की निकासी की व्यवस्था का दावा किया गया था। लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी लागत से पाइपलाइन बिछाने के बावजूद अगर कुछ ही मिनट की बारिश में पुल पानी से लबालब हो जाए, तो व्यवस्था में कमी कहां रह गई? क्या करोड़ों रुपये की परियोजना अपने उद्देश्य में सफल हुई या फिर जनता के पैसे के इस्तेमाल पर जवाबदेही तय होनी चाहिए? यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले दिनों नगर निगम की ओर से भूतेश्वर अंडरपास की जलभराव समस्या के समाधान का दावा किया गया था, लेकिन बारिश के बाद फिर जलभराव की स्थिति सामने आई। अब जन्माष्टमी में महज 17 दिन बाकी हैं। ऐसे में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। अगर बारिश के दौरान यही स्थिति बनी रही तो श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। एक तरफ शहर की कई सड़कों पर एक-एक फीट तक गड्ढे और जलभराव की समस्या है, तो दूसरी तरफ भूतेश्वर पुल बारिश में पानी से तरबतर नजर आ रहा है।
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