कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1.10 लाख रुपये और चोरी के कपड़ों के साथ आरोपी...
- 13h ago
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हिमाचल प्रदेश से देशभक्ति और तकनीक का अनोखा संगम सामने आया है। India Post ने पहली बार ड्रोन के जरिए मंडी से रेहड़धार तक तिरंगा पहुंचाया और इसे एक पूर्व सैनिक को सौंपा गया।
मंडी हेड पोस्ट ऑफिस से ड्रोन ने तिरंगे का पार्सल लेकर उड़ान भरी और रेहड़धार ब्रांच पोस्ट ऑफिस पहुंचा। वहां डाक विभाग की टीम ने तिरंगे को प्राप्त किया और इसे सेना के पूर्व जवान को सम्मानपूर्वक सौंपा।
इस विशेष पहल को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वर्चुअली देखा। उन्होंने कहा कि हिमाचल की पहाड़ियों के ऊपर तिरंगे की यह यात्रा आधुनिक तकनीक के जरिए भौगोलिक बाधाओं को पार कर देश के हर नागरिक तक पहुंचने की भावना को दर्शाती है।
यह पहल ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से भी जुड़ी है। डाक विभाग का उद्देश्य आधुनिक ड्रोन तकनीक के जरिए दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और डाक सेवाओं को बेहतर बनाना है।
डाक विभाग ने हिमाचल प्रदेश और असम में करीब 150 चिन्हित ड्रोन रूट्स पर ड्रोन आधारित मेल ट्रांसमिशन की योजना बनाई है। इनमें हिमाचल के 110 और असम के 40 रूट शामिल हैं।
हिमाचल में मंडी से रेहड़धार की दूरी करीब 12 किलोमीटर है, जिसे पारंपरिक माध्यम से तय करने में दो घंटे से ज्यादा समय लग सकता है, जबकि ड्रोन के जरिए यह ट्रांजिट समय करीब 7 मिनट तक कम किया गया है।
तिरंगे को ड्रोन के जरिए पूर्व सैनिक तक पहुंचाने की यह पहल देशभक्ति, सम्मान और आधुनिक तकनीक का अनोखा उदाहरण बन गई है।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हिमाचल प्रदेश से देशभक्ति और तकनीक का अनोखा संगम सामने आया है। India Post ने पहली बार ड्रोन के जरिए मंडी से रेहड़धार तक तिरंगा पहुंचाया और इसे एक पूर्व सैनिक को सौंपा गया। मंडी हेड पोस्ट ऑफिस से ड्रोन ने तिरंगे का पार्सल लेकर उड़ान भरी और रेहड़धार ब्रांच पोस्ट ऑफिस पहुंचा। वहां डाक विभाग की टीम ने तिरंगे को प्राप्त किया और इसे सेना के पूर्व जवान को सम्मानपूर्वक सौंपा। इस विशेष पहल को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वर्चुअली देखा। उन्होंने कहा कि हिमाचल की पहाड़ियों के ऊपर तिरंगे की यह यात्रा आधुनिक तकनीक के जरिए भौगोलिक बाधाओं को पार कर देश के हर नागरिक तक पहुंचने की भावना को दर्शाती है। यह पहल ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से भी जुड़ी है। डाक विभाग का उद्देश्य आधुनिक ड्रोन तकनीक के जरिए दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और डाक सेवाओं को बेहतर बनाना है। डाक विभाग ने हिमाचल प्रदेश और असम में करीब 150 चिन्हित ड्रोन रूट्स पर ड्रोन आधारित मेल ट्रांसमिशन की योजना बनाई है। इनमें हिमाचल के 110 और असम के 40 रूट शामिल हैं। हिमाचल में मंडी से रेहड़धार की दूरी करीब 12 किलोमीटर है, जिसे पारंपरिक माध्यम से तय करने में दो घंटे से ज्यादा समय लग सकता है, जबकि ड्रोन के जरिए यह ट्रांजिट समय करीब 7 मिनट तक कम किया गया है। तिरंगे को ड्रोन के जरिए पूर्व सैनिक तक पहुंचाने की यह पहल देशभक्ति, सम्मान और आधुनिक तकनीक का अनोखा उदाहरण बन गई है।
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