परिक्रमा कर लौट रहे श्रद्धालुओं को ट्रेलर ने रौंदा, दो की मौत, 13 घायल...
- 18h ago
मथुरा। महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय में संविदा पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। बकाया वेतन, वेतन वृद्धि और ठेका कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की।
धरने पर बैठे कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन से चार महीने से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र 6,600 से 7,000 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है और वह भी समय पर नहीं दिया जाता। कई कर्मचारियों ने बताया कि परिवार का खर्च चलाना तक मुश्किल हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वेतन भुगतान को लेकर जब भी संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जाती है तो जिम्मेदारी ठेकेदार पर डाल दी जाती है, जबकि ठेका कंपनी की ओर से भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार अपनी मांगें रखने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।
महिला सफाईकर्मियों ने भी कार्यस्थल की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि उन्हें रात के समय पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बिना शव गृह (मर्च्युरी) तक शव रखने जैसे कार्यों के लिए भेजा जाता है, जिससे उन्हें भय और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है।
शनिवार सुबह करीब 9 बजे से बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे रहे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जाता और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अस्पताल के प्रभारी सीएमएस ने इस मामले को सफाई कर्मचारियों और ठेका कंपनी के बीच का विवाद बताते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन का इसमें कोई प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं है।
वहीं ठेका कंपनी की ओर से भी इस मामले में ठेकेदार का बयान सामने आया है। ठेकेदार ने कहा कि भुगतान और अन्य मुद्दों को लेकर संबंधित स्तर पर प्रक्रिया चल रही है तथा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
फिलहाल हड़ताल के चलते जिला अस्पताल की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है और मरीजों व तीमारदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब सभी की नजरें प्रशासन, अस्पताल प्रबंधन और ठेका कंपनी के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी हैं।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर