दो साल से छात्रा को परेशान करने का आरोप, थाने में सुनवाई न होने पर...
- 28m ago
राधारानी के दरबार में संतान सुख की आस... मन में अटूट विश्वास और जुबां पर राधे-राधे का जयकारा! अहोई अष्टमी के पावन पर्व पर विश्वविख्यात तीर्थ राधाकुंड में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दंपति संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर राधाकुंड पहुंचे। सरोवर के आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ नजर आई और पूरा तीर्थ क्षेत्र राधारानी के जयकारों से गूंज उठा।
धार्मिक मान्यता है कि अहोई अष्टमी के पावन अवसर पर राधाकुंड में स्नान और पूजा-अर्चना करने से संतान सुख की मनोकामना पूरी होती है। इसी अटूट विश्वास के साथ श्रद्धालु राधारानी के दर्शन-पूजन में जुटे रहे। किसी ने संतान प्राप्ति की प्रार्थना की, तो किसी ने अपने बच्चों के सुखी, स्वस्थ और मंगलमय जीवन की कामना की।
अहोई अष्टमी पर मध्यरात्रि में होने वाले शाही स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। पर्व को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, प्रकाश, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते नजर आए।
वहीं, मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार राधाकुंड पहुंचे। अधिकारियों ने संपूर्ण मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाओं को परखा।
इस दौरान अधिकारियों ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम पहुंचकर निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि अहोई अष्टमी का पर्व शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।
राधाकुंड पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें अहोई अष्टमी के इस पावन अवसर का बेसब्री से इंतजार रहता है। वे राधारानी और भगवान श्रीकृष्ण से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और संतान के उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना करने यहां पहुंचे हैं।
कुल मिलाकर, अहोई अष्टमी पर राधाकुंड में भक्ति, आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। शाही स्नान की परंपरा और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ने संपूर्ण तीर्थनगरी को भक्तिमय बना दिया।
राधारानी के दरबार में संतान सुख की आस... मन में अटूट विश्वास और जुबां पर राधे-राधे का जयकारा! अहोई अष्टमी के पावन पर्व पर विश्वविख्यात तीर्थ राधाकुंड में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दंपति संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर राधाकुंड पहुंचे। सरोवर के आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ नजर आई और पूरा तीर्थ क्षेत्र राधारानी के जयकारों से गूंज उठा। धार्मिक मान्यता है कि अहोई अष्टमी के पावन अवसर पर राधाकुंड में स्नान और पूजा-अर्चना करने से संतान सुख की मनोकामना पूरी होती है। इसी अटूट विश्वास के साथ श्रद्धालु राधारानी के दर्शन-पूजन में जुटे रहे। किसी ने संतान प्राप्ति की प्रार्थना की, तो किसी ने अपने बच्चों के सुखी, स्वस्थ और मंगलमय जीवन की कामना की। अहोई अष्टमी पर मध्यरात्रि में होने वाले शाही स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। पर्व को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, प्रकाश, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते नजर आए। वहीं, मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार राधाकुंड पहुंचे। अधिकारियों ने संपूर्ण मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाओं को परखा। इस दौरान अधिकारियों ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम पहुंचकर निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि अहोई अष्टमी का पर्व शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके। राधाकुंड पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें अहोई अष्टमी के इस पावन अवसर का बेसब्री से इंतजार रहता है। वे राधारानी और भगवान श्रीकृष्ण से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और संतान के उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना करने यहां पहुंचे हैं। कुल मिलाकर, अहोई अष्टमी पर राधाकुंड में भक्ति, आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। शाही स्नान की परंपरा और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ने संपूर्ण तीर्थनगरी को भक्तिमय बना दिया।
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