परिक्रमा कर लौट रहे श्रद्धालुओं को ट्रेलर ने रौंदा, दो की मौत, 13 घायल...
- 18h ago
मथुरा। मथुरा पुलिस ने विभाग की छवि को धूमिल करने वाले एक बड़े मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए थाना जैत क्षेत्र की छटीकरा चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक शशांक कौशिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उन पर स्थानीय दुकानदारों से अवैध वसूली और रंगदारी मांगने के गंभीर आरोप हैं। मामले में शामिल उनके दो फरार सहयोगियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि चौकी इंचार्ज शशांक कौशिक ने अपनी पूर्व तैनाती वाले जनपद अलीगढ़ से रोहताश उर्फ विशाल और छोटू सोलंकी नामक दो अपराधियों को मथुरा बुलाकर अवैध वसूली का नेटवर्क तैयार किया था। आरोप है कि यह गिरोह चारधाम मंदिर गेट के पास फूल-माला बेचने वाले छोटे दुकानदारों से हर महीने 15 हजार रुपये तक की रंगदारी वसूलता था।
इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि क्षेत्र में अवैध पार्किंग का संचालन कर लोगों को परेशान किया जा रहा था और अवैध वसूली का दबाव बनाया जाता था। लंबे समय से परेशान दुकानदारों ने इसकी लिखित शिकायत पुलिस अधिकारियों से की थी।
स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों की शिकायतों की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद थाना जैत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा संख्या 426/26 दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शशांक कौशिक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मामले में फरार चल रहे आरोपी रोहताश उर्फ विशाल और छोटू सोलंकी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विभाग में भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और जनता के उत्पीड़न को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाला चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई मथुरा पुलिस की भ्रष्टाचार के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" नीति को दर्शाती है और स्थानीय व्यापारियों व आम जनता के बीच भरोसा बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
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