नि:शुल्क मेडिकल कैंप में 250 मरीजों की जांच, 180 जरूरतमंदों को मिले चश्मे...
- 9h ago
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के महोबकंठ थाना क्षेत्र में सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब स्कूली बच्चों से भरी एक वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। हादसे के समय वैन में 12 से 13 बच्चे सवार थे, जबकि वाहन की स्वीकृत क्षमता केवल 8 बच्चों की थी। टक्कर इतनी तेज थी कि वैन के अंदर बैठे बच्चों में चीख-पुकार मच गई और कई बच्चे एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े।
हादसे के तुरंत बाद आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना देर किए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई, हालांकि कुछ बच्चों को मामूली चोटें आईं और वे घबराए हुए दिखाई दिए।
घटना के बाद बच्चों ने बताया कि वैन चालक तेज रफ्तार से वाहन चला रहा था। वहीं, थाना प्रभारी विनोद कुमार सरोज ने बताया कि शुरुआती जांच में स्टेयरिंग फेल होने की आशंका सामने आई है। पुलिस तकनीकी जांच के साथ-साथ चालक की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
उधर, एआरटीओ दयाशंकर की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पता चला कि दुर्घटनाग्रस्त वैन का बीमा पहले ही समाप्त हो चुका था। इसके अलावा वाहन में निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को बैठाया गया था। स्कूल प्रबंधन ने भी स्वीकार किया कि वैन में 12 से 13 बच्चे सवार थे, जो परिवहन नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक घटनास्थल पर पहुंच गए और स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस और परिवहन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के महोबकंठ थाना क्षेत्र में सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब स्कूली बच्चों से भरी एक वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। हादसे के समय वैन में 12 से 13 बच्चे सवार थे, जबकि वाहन की स्वीकृत क्षमता केवल 8 बच्चों की थी। टक्कर इतनी तेज थी कि वैन के अंदर बैठे बच्चों में चीख-पुकार मच गई और कई बच्चे एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। हादसे के तुरंत बाद आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना देर किए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई, हालांकि कुछ बच्चों को मामूली चोटें आईं और वे घबराए हुए दिखाई दिए। घटना के बाद बच्चों ने बताया कि वैन चालक तेज रफ्तार से वाहन चला रहा था। वहीं, थाना प्रभारी विनोद कुमार सरोज ने बताया कि शुरुआती जांच में स्टेयरिंग फेल होने की आशंका सामने आई है। पुलिस तकनीकी जांच के साथ-साथ चालक की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। उधर, एआरटीओ दयाशंकर की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पता चला कि दुर्घटनाग्रस्त वैन का बीमा पहले ही समाप्त हो चुका था। इसके अलावा वाहन में निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को बैठाया गया था। स्कूल प्रबंधन ने भी स्वीकार किया कि वैन में 12 से 13 बच्चे सवार थे, जो परिवहन नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक घटनास्थल पर पहुंच गए और स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस और परिवहन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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