सेंट फ्रांसिस स्कूल के छात्रों ने चलाया स्वच्छता अभियान, नुक्कड़ नाटक से दिया स्वच्छता का...
- 8h ago
उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां लोगों की पुरानी रंजिश और विवाद की “कुंडली” निकालकर उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती थी। समझौते और मुकदमा वापस कराने के नाम पर लाखों रुपये की वसूली करने वाले इस कथित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बिजनौर पुलिस के मुताबिक, गिरोह सबसे पहले लोगों के आपसी विवाद, पारिवारिक रंजिश और जमीन-जायदाद के मामलों की पूरी जानकारी जुटाता था। इसके बाद पीड़ित को गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने का डर दिखाकर समझौते के नाम पर पैसों की मांग की जाती थी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने कोतवाली शहर में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद स्वाट और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, अफजाल, गुड्डी, कुन्ती और प्रीति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि गिरोह में महिलाओं का भी इस्तेमाल झूठे मुकदमे दर्ज कराने और दबाव बनाने के लिए किया जाता था।
एसपी केके बिश्नोई के नेतृत्व में पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि अलग-अलग जिलों में दर्ज मुकदमों और न्यायालयी परिवादों के पीछे इसी गिरोह का नेटवर्क तो नहीं था। फिलहाल पांचों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे रैकेट की परतें खोली जा रही हैं।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां लोगों की पुरानी रंजिश और विवाद की “कुंडली” निकालकर उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती थी। समझौते और मुकदमा वापस कराने के नाम पर लाखों रुपये की वसूली करने वाले इस कथित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बिजनौर पुलिस के मुताबिक, गिरोह सबसे पहले लोगों के आपसी विवाद, पारिवारिक रंजिश और जमीन-जायदाद के मामलों की पूरी जानकारी जुटाता था। इसके बाद पीड़ित को गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने का डर दिखाकर समझौते के नाम पर पैसों की मांग की जाती थी। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने कोतवाली शहर में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद स्वाट और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, अफजाल, गुड्डी, कुन्ती और प्रीति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि गिरोह में महिलाओं का भी इस्तेमाल झूठे मुकदमे दर्ज कराने और दबाव बनाने के लिए किया जाता था। एसपी केके बिश्नोई के नेतृत्व में पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि अलग-अलग जिलों में दर्ज मुकदमों और न्यायालयी परिवादों के पीछे इसी गिरोह का नेटवर्क तो नहीं था। फिलहाल पांचों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे रैकेट की परतें खोली जा रही हैं।
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