संरक्षित वन भूमि पर चला वन विभाग का बुलडोजर, अवैध बैनर-पोस्टर हटाए; कार्रवाई जारी रहने...
- 10h ago
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मूंग की 100% सरकारी खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन उग्र हो गया। बुधवार को हजारों किसान पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए वीर सावरकर सेतु पार कर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी बसों पर चढ़कर नारेबाजी करते दिखाई दिए, जबकि मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
प्रदर्शन में नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर, रायसेन और विदिशा समेत 19 किसान संगठनों के सदस्य शामिल हैं। किसानों का आरोप है कि सरकार एक एकड़ में औसतन 4–5 क्विंटल उत्पादन होने के बावजूद केवल 1.20 क्विंटल मूंग ही समर्थन मूल्य पर खरीद रही है। शेष उपज उन्हें खुले बाजार में कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। किसानों की मांग है कि मूंग की 100% खरीद MSP पर की जाए और अन्य कृषि संबंधी समस्याओं का भी समाधान किया जाए।
बढ़ते तनाव के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार किसानों के साथ संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहती है। उन्होंने बताया कि किसानों से बातचीत के लिए मंत्रियों और अधिकारियों की एक विशेष समिति गठित की गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी अपील की कि आंदोलन के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सरकार ने किसान प्रतिनिधियों से वार्ता के लिए समय भी तय किया है।
किसानों के प्रदर्शन के चलते भोपाल के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले मार्गों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग और बल तैनात किया है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, जबकि किसान अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मूंग की 100% सरकारी खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन उग्र हो गया। बुधवार को हजारों किसान पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए वीर सावरकर सेतु पार कर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी बसों पर चढ़कर नारेबाजी करते दिखाई दिए, जबकि मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन में नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर, रायसेन और विदिशा समेत 19 किसान संगठनों के सदस्य शामिल हैं। किसानों का आरोप है कि सरकार एक एकड़ में औसतन 4–5 क्विंटल उत्पादन होने के बावजूद केवल 1.20 क्विंटल मूंग ही समर्थन मूल्य पर खरीद रही है। शेष उपज उन्हें खुले बाजार में कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। किसानों की मांग है कि मूंग की 100% खरीद MSP पर की जाए और अन्य कृषि संबंधी समस्याओं का भी समाधान किया जाए। बढ़ते तनाव के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार किसानों के साथ संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहती है। उन्होंने बताया कि किसानों से बातचीत के लिए मंत्रियों और अधिकारियों की एक विशेष समिति गठित की गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी अपील की कि आंदोलन के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सरकार ने किसान प्रतिनिधियों से वार्ता के लिए समय भी तय किया है। किसानों के प्रदर्शन के चलते भोपाल के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले मार्गों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग और बल तैनात किया है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, जबकि किसान अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं।
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