कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1.10 लाख रुपये और चोरी के कपड़ों के साथ आरोपी...
- 14h ago
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र के अजय नगर में एक महीने से लापता युवक पिंटू उर्फ कृष्णकांत के मामले में गंभीर लापरवाही और साजिश के आरोप सामने आए हैं। परिजनों का कहना है कि जिस युवक को वे लगातार ढूंढ रहे थे, उसका शव पुलिस को पहले ही मिल चुका था, लेकिन उसकी शिनाख्त किए बिना ही अज्ञात में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, 17 अप्रैल को पिंटू घर से यह कहकर निकला था कि वह डॉक्टर अमर के बुलावे पर जिला अस्पताल जा रहा है, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और लगातार उसकी तलाश करते रहे।
परिजनों का आरोप है कि 13 मई को जब वे फोटो के आधार पर शिनाख्त के लिए लक्ष्मी नगर चौकी पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि यमुना में मिला एक शव, जिसे 72 घंटे बाद अज्ञात मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वह पिंटू का ही था। इस जानकारी के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया।
परिजनों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई और डॉक्टर अमर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नौकरी लगवाने के नाम पर 12 लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसमें से 6 लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके थे। शेष रकम और नौकरी न मिलने पर विवाद बढ़ा और साजिश के तहत हत्या कर शव यमुना में फेंकने का आरोप लगाया गया है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते सक्रिय होती, तो उन्हें अपने बेटे का अंतिम संस्कार करने का अवसर मिल जाता और मामला स्पष्ट हो जाता। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र के अजय नगर में एक महीने से लापता युवक पिंटू उर्फ कृष्णकांत के मामले में गंभीर लापरवाही और साजिश के आरोप सामने आए हैं। परिजनों का कहना है कि जिस युवक को वे लगातार ढूंढ रहे थे, उसका शव पुलिस को पहले ही मिल चुका था, लेकिन उसकी शिनाख्त किए बिना ही अज्ञात में अंतिम संस्कार कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, 17 अप्रैल को पिंटू घर से यह कहकर निकला था कि वह डॉक्टर अमर के बुलावे पर जिला अस्पताल जा रहा है, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और लगातार उसकी तलाश करते रहे। परिजनों का आरोप है कि 13 मई को जब वे फोटो के आधार पर शिनाख्त के लिए लक्ष्मी नगर चौकी पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि यमुना में मिला एक शव, जिसे 72 घंटे बाद अज्ञात मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वह पिंटू का ही था। इस जानकारी के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई और डॉक्टर अमर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नौकरी लगवाने के नाम पर 12 लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसमें से 6 लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके थे। शेष रकम और नौकरी न मिलने पर विवाद बढ़ा और साजिश के तहत हत्या कर शव यमुना में फेंकने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते सक्रिय होती, तो उन्हें अपने बेटे का अंतिम संस्कार करने का अवसर मिल जाता और मामला स्पष्ट हो जाता। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
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