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- 13h ago
महावन/बलदेव (मथुरा)। विकासखंड बलदेव में वृद्धावस्था पेंशन से जुड़ी एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। ग्राम पंचायत मढ़ौरा निवासी एक महिला को विभागीय अभिलेखों में मृत घोषित कर दिए जाने के कारण उनकी वृद्धावस्था पेंशन पिछले दो वर्षों से बंद पड़ी है।
पीड़ित महिला चंदा देवी, पत्नी प्रताप सिंह के पुत्र योगेंद्र ने आरोप लगाया कि उनकी मां पूरी तरह जीवित हैं, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्शा दिया गया। इसी वजह से पिछले दो वर्षों से उनकी वृद्धावस्था पेंशन का भुगतान नहीं हो रहा है।
योगेंद्र ने बताया कि वर्ष 2025 में पेंशन बंद होने की शिकायत संबंधित विभाग से की थी। जांच के दौरान पता चला कि विकासखंड बलदेव की ओर से उनकी मां को मृत घोषित कर दिया गया है। मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचने पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने 29 अगस्त 2025 को बीडीओ बलदेव को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे, लेकिन इसके बावजूद आज तक समस्या का समाधान नहीं हो सका।
बुधवार को योगेंद्र ने उपजिलाधिकारी महावन प्राजक्ता त्रिपाठी को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की मांग की। उनका कहना है कि वह पिछले दो वर्षों से लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी जीवित मां की पेंशन बहाल नहीं की गई और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने उनकी समस्या का समाधान किया।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी प्राजक्ता त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है। मामले को जांच के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर सरकारी अभिलेखों की त्रुटियों और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा चंदा देवी की वृद्धावस्था पेंशन तत्काल बहाल करने की मांग की है।
महावन/बलदेव (मथुरा)। विकासखंड बलदेव में वृद्धावस्था पेंशन से जुड़ी एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। ग्राम पंचायत मढ़ौरा निवासी एक महिला को विभागीय अभिलेखों में मृत घोषित कर दिए जाने के कारण उनकी वृद्धावस्था पेंशन पिछले दो वर्षों से बंद पड़ी है। पीड़ित महिला चंदा देवी, पत्नी प्रताप सिंह के पुत्र योगेंद्र ने आरोप लगाया कि उनकी मां पूरी तरह जीवित हैं, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्शा दिया गया। इसी वजह से पिछले दो वर्षों से उनकी वृद्धावस्था पेंशन का भुगतान नहीं हो रहा है। योगेंद्र ने बताया कि वर्ष 2025 में पेंशन बंद होने की शिकायत संबंधित विभाग से की थी। जांच के दौरान पता चला कि विकासखंड बलदेव की ओर से उनकी मां को मृत घोषित कर दिया गया है। मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचने पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने 29 अगस्त 2025 को बीडीओ बलदेव को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे, लेकिन इसके बावजूद आज तक समस्या का समाधान नहीं हो सका। बुधवार को योगेंद्र ने उपजिलाधिकारी महावन प्राजक्ता त्रिपाठी को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की मांग की। उनका कहना है कि वह पिछले दो वर्षों से लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी जीवित मां की पेंशन बहाल नहीं की गई और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने उनकी समस्या का समाधान किया। इस संबंध में उपजिलाधिकारी प्राजक्ता त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है। मामले को जांच के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर सरकारी अभिलेखों की त्रुटियों और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा चंदा देवी की वृद्धावस्था पेंशन तत्काल बहाल करने की मांग की है।
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