राया में अंडरपास निर्माण पर बवाल दुकान तोड़ने पर भड़के लोग, रेलवे पर पक्षपात का...
- 29m ago
मथुरा नगर निगम में महापौर और पार्षदों के बीच लंबे समय से चली आ रही दूरी के बीच अब नगर निगम की बोर्ड बैठक की तारीख तय हो गई है। आगामी 3 नवंबर को सुबह 11 बजे भूतेश्वर स्थित नगर निगम कार्यालय में बोर्ड बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में अवस्थापना निधि से प्रस्तावित करीब 50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर चर्चा होने और प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
नगर निगम की बोर्ड बैठक लंबे समय से नहीं होने के कारण शहर के कई विकास कार्यों से जुड़े प्रस्ताव अटके हुए थे। बताया जा रहा है कि महापौर विनोद अग्रवाल और नगर निगम प्रशासन के बीच दूरी के चलते पिछले करीब तीन महीने से बोर्ड बैठक आयोजित नहीं हो पा रही थी। ऐसे में अब 3 नवंबर को होने वाली बैठक को शहर के विकास कार्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बोर्ड बैठक में शामिल होने के लिए महापौर विनोद अग्रवाल को भी आमंत्रण पत्र भेजा गया है। हालांकि, पिछले करीब तीन महीने से महापौर के नगर निगम कार्यालय नहीं पहुंचने के कारण उनके बैठक में शामिल होने को लेकर अभी संशय बना हुआ है। ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि महापौर बैठक में पहुंचते हैं या नहीं।
जानकारी के मुताबिक, यदि महापौर बैठक में शामिल नहीं होते हैं तो वरिष्ठ पार्षद की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कराए जाने की संभावना है। पार्षदों की मांग पर नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने शासन से बोर्ड बैठक आयोजित करने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद 3 नवंबर की तारीख निर्धारित की गई।
इस बैठक में अवस्थापना निधि से प्रस्तावित लगभग 50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर चर्चा और मंजूरी प्रमुख एजेंडा रहने की उम्मीद है। बैठक में होने वाले निर्णयों का असर मथुरा शहर में प्रस्तावित विकास कार्यों की गति पर पड़ सकता है।
नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने बोर्ड बैठक की पुष्टि करते हुए बताया कि महापौर को भी आमंत्रित किया गया है।
अब सवाल यह है कि क्या तीन महीने बाद महापौर और पार्षद एक साथ बैठकर शहर के विकास कार्यों पर चर्चा करेंगे? क्या 50 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी? इन सवालों के जवाब 3 नवंबर को होने वाली नगर निगम बोर्ड बैठक में सामने आएंगे।
मथुरा नगर निगम में महापौर और पार्षदों के बीच लंबे समय से चली आ रही दूरी के बीच अब नगर निगम की बोर्ड बैठक की तारीख तय हो गई है। आगामी 3 नवंबर को सुबह 11 बजे भूतेश्वर स्थित नगर निगम कार्यालय में बोर्ड बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में अवस्थापना निधि से प्रस्तावित करीब 50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर चर्चा होने और प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। नगर निगम की बोर्ड बैठक लंबे समय से नहीं होने के कारण शहर के कई विकास कार्यों से जुड़े प्रस्ताव अटके हुए थे। बताया जा रहा है कि महापौर विनोद अग्रवाल और नगर निगम प्रशासन के बीच दूरी के चलते पिछले करीब तीन महीने से बोर्ड बैठक आयोजित नहीं हो पा रही थी। ऐसे में अब 3 नवंबर को होने वाली बैठक को शहर के विकास कार्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बोर्ड बैठक में शामिल होने के लिए महापौर विनोद अग्रवाल को भी आमंत्रण पत्र भेजा गया है। हालांकि, पिछले करीब तीन महीने से महापौर के नगर निगम कार्यालय नहीं पहुंचने के कारण उनके बैठक में शामिल होने को लेकर अभी संशय बना हुआ है। ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि महापौर बैठक में पहुंचते हैं या नहीं। जानकारी के मुताबिक, यदि महापौर बैठक में शामिल नहीं होते हैं तो वरिष्ठ पार्षद की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कराए जाने की संभावना है। पार्षदों की मांग पर नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने शासन से बोर्ड बैठक आयोजित करने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद 3 नवंबर की तारीख निर्धारित की गई। इस बैठक में अवस्थापना निधि से प्रस्तावित लगभग 50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर चर्चा और मंजूरी प्रमुख एजेंडा रहने की उम्मीद है। बैठक में होने वाले निर्णयों का असर मथुरा शहर में प्रस्तावित विकास कार्यों की गति पर पड़ सकता है। नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने बोर्ड बैठक की पुष्टि करते हुए बताया कि महापौर को भी आमंत्रित किया गया है। अब सवाल यह है कि क्या तीन महीने बाद महापौर और पार्षद एक साथ बैठकर शहर के विकास कार्यों पर चर्चा करेंगे? क्या 50 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी? इन सवालों के जवाब 3 नवंबर को होने वाली नगर निगम बोर्ड बैठक में सामने आएंगे।
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