शराब के नशे में दोस्त ने दोस्त को मारी गोली, हत्या के बाद मुख्य आरोपी...
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गोवर्धन। धर्मनगरी गोवर्धन के राधाकुंड स्थित प्राचीन अष्ट-सखी कुंड के संरक्षण और पुनरुद्धार को लेकर हलचल तेज हो गई है। धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखने वाले इस कुंड को उसका मूल स्वरूप दिलाने की मांग उठाई गई है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कुंड की मूल वैधानिक सीमा निर्धारित कराकर विकास कार्य कराने की मांग की गई है। वहीं, प्रशासन की ओर से कुंड के आसपास 72 से अधिक मकानों को चिन्हित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि अष्ट-सखी कुंड की वास्तविक सीमा का निर्धारण पुराने राजस्व अभिलेखों, प्रामाणिक मानचित्रों और न्यायालयीय आदेशों के आधार पर कराया जाए। उनका कहना है कि कुंड की मूल सीमा स्पष्ट होने के बाद ही संरक्षण और पुनरुद्धार की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है। इससे इस प्राचीन धार्मिक स्थल को उसका पुराना स्वरूप वापस मिलने की उम्मीद है।
अष्ट-सखी कुंड के आसपास 72 से अधिक मकानों को चिन्हित किए जाने की जानकारी के बाद इस मामले ने गति पकड़ ली है। प्रशासन के अनुसार, मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, मकानों को चिन्हित किए जाने के बाद आगे की कार्रवाई क्या होगी, यह संबंधित अभिलेखों और नियमानुसार प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासनिक पहल और शासन स्तर पर मांग उठने के बाद अष्ट-सखी कुंड के संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। अब निगाहें कुंड की वास्तविक सीमा निर्धारित करने और पुनरुद्धार की कार्रवाई पर टिकी हैं।
गोवर्धन। धर्मनगरी गोवर्धन के राधाकुंड स्थित प्राचीन अष्ट-सखी कुंड के संरक्षण और पुनरुद्धार को लेकर हलचल तेज हो गई है। धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखने वाले इस कुंड को उसका मूल स्वरूप दिलाने की मांग उठाई गई है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कुंड की मूल वैधानिक सीमा निर्धारित कराकर विकास कार्य कराने की मांग की गई है। वहीं, प्रशासन की ओर से कुंड के आसपास 72 से अधिक मकानों को चिन्हित किए जाने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों की मांग है कि अष्ट-सखी कुंड की वास्तविक सीमा का निर्धारण पुराने राजस्व अभिलेखों, प्रामाणिक मानचित्रों और न्यायालयीय आदेशों के आधार पर कराया जाए। उनका कहना है कि कुंड की मूल सीमा स्पष्ट होने के बाद ही संरक्षण और पुनरुद्धार की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है। इससे इस प्राचीन धार्मिक स्थल को उसका पुराना स्वरूप वापस मिलने की उम्मीद है। अष्ट-सखी कुंड के आसपास 72 से अधिक मकानों को चिन्हित किए जाने की जानकारी के बाद इस मामले ने गति पकड़ ली है। प्रशासन के अनुसार, मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, मकानों को चिन्हित किए जाने के बाद आगे की कार्रवाई क्या होगी, यह संबंधित अभिलेखों और नियमानुसार प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासनिक पहल और शासन स्तर पर मांग उठने के बाद अष्ट-सखी कुंड के संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। अब निगाहें कुंड की वास्तविक सीमा निर्धारित करने और पुनरुद्धार की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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