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रिपोर्ट ब्रजवासी लाल
मथुरा में चांदी कारोबारी के बुजुर्ग पिता को घर से निकाले जाने के मामले में अब नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। मामले में अब समाजसेवी तरुण शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। चांदी कारोबारी के बेटे महेश गर्ग और बृजेश गर्ग ने दावा किया है कि उनके पिता की मदद करने वाले समाजसेवी ने बाद में लाखों रुपये और फ्लैट की मांग की और मांग पूरी न होने पर उनके पिता को घर के दरवाजे पर छोड़ दिया।
दरअसल, अप्रैल महीने में बुजुर्ग सत्य प्रकाश को लेकर मामला सामने आया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि करोड़ों की कोठी में रहने वाले उनके बेटे महेश गर्ग और बृजेश गर्ग ने अपने बुजुर्ग माता-पिता को घर से बेदखल कर दिया। पत्नी की मौत के बाद बुजुर्ग के सामने मुश्किलें बढ़ गई थीं। इसी दौरान समाजसेवी तरुण शर्मा ने सत्य प्रकाश को अपने फ्लैट में पनाह दी और उनका रामकृष्ण हॉस्पिटल में कैंसर का ऑपरेशन भी कराया था।
उस समय समाजसेवी तरुण शर्मा की दरियादिली की शहरभर में खूब चर्चा हुई थी और बेटों को लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दी थी। लेकिन अब मामले में बेटों की ओर से लगाए गए आरोपों ने पूरी कहानी को नया मोड़ दे दिया है।
महेश और बृजेश गर्ग का आरोप है कि समाजसेवा की आड़ में उन्हें बदनामी का डर दिखाकर लाखों रुपये और फ्लैट हासिल करने का दबाव बनाया गया। बेटों के मुताबिक, जब वे अस्पताल में अपने पिता का हाल जानने पहुंचे तो तरुण शर्मा ने उन पर पिता की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा दिया।
बेटों का दावा है कि लाखों रुपये और फ्लैट की कथित मांग पूरी नहीं होने के बाद तरुण शर्मा का रवैया बदल गया। आरोप है कि इसके बाद तरुण शर्मा कुछ लोगों के साथ पहुंचे और गंभीर व मरणासन्न हालत में सत्य प्रकाश को उनके घर की चौखट पर छोड़कर चले गए।
इस पूरे मामले में अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ बेटों पर बुजुर्ग पिता को घर से निकालने के आरोप लगे थे, तो दूसरी तरफ अब बेटे समाजसेवी पर ब्लैकमेलिंग, पैसों और फ्लैट की कथित मांग जैसे गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मामले की सच्चाई क्या है और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
रिपोर्ट ब्रजवासी लाल मथुरा में चांदी कारोबारी के बुजुर्ग पिता को घर से निकाले जाने के मामले में अब नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। मामले में अब समाजसेवी तरुण शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। चांदी कारोबारी के बेटे महेश गर्ग और बृजेश गर्ग ने दावा किया है कि उनके पिता की मदद करने वाले समाजसेवी ने बाद में लाखों रुपये और फ्लैट की मांग की और मांग पूरी न होने पर उनके पिता को घर के दरवाजे पर छोड़ दिया। दरअसल, अप्रैल महीने में बुजुर्ग सत्य प्रकाश को लेकर मामला सामने आया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि करोड़ों की कोठी में रहने वाले उनके बेटे महेश गर्ग और बृजेश गर्ग ने अपने बुजुर्ग माता-पिता को घर से बेदखल कर दिया। पत्नी की मौत के बाद बुजुर्ग के सामने मुश्किलें बढ़ गई थीं। इसी दौरान समाजसेवी तरुण शर्मा ने सत्य प्रकाश को अपने फ्लैट में पनाह दी और उनका रामकृष्ण हॉस्पिटल में कैंसर का ऑपरेशन भी कराया था। उस समय समाजसेवी तरुण शर्मा की दरियादिली की शहरभर में खूब चर्चा हुई थी और बेटों को लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दी थी। लेकिन अब मामले में बेटों की ओर से लगाए गए आरोपों ने पूरी कहानी को नया मोड़ दे दिया है। महेश और बृजेश गर्ग का आरोप है कि समाजसेवा की आड़ में उन्हें बदनामी का डर दिखाकर लाखों रुपये और फ्लैट हासिल करने का दबाव बनाया गया। बेटों के मुताबिक, जब वे अस्पताल में अपने पिता का हाल जानने पहुंचे तो तरुण शर्मा ने उन पर पिता की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा दिया। बेटों का दावा है कि लाखों रुपये और फ्लैट की कथित मांग पूरी नहीं होने के बाद तरुण शर्मा का रवैया बदल गया। आरोप है कि इसके बाद तरुण शर्मा कुछ लोगों के साथ पहुंचे और गंभीर व मरणासन्न हालत में सत्य प्रकाश को उनके घर की चौखट पर छोड़कर चले गए। इस पूरे मामले में अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ बेटों पर बुजुर्ग पिता को घर से निकालने के आरोप लगे थे, तो दूसरी तरफ अब बेटे समाजसेवी पर ब्लैकमेलिंग, पैसों और फ्लैट की कथित मांग जैसे गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मामले की सच्चाई क्या है और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
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