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मथुरा के कोसीकलां में आर्य समाज का 88वां वार्षिकोत्सव रविवार को 21 कुंडीय सुख-समृद्धि महायज्ञ के साथ संपन्न हो गया। समापन दिवस पर आयोजित महायज्ञ में नगर के 84 जोड़ों और समाजसेवियों ने आहुति देकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने भी सहभागिता की। वहीं, समारोह के दौरान समाजसेवियों और वार्षिकोत्सव में सहयोग करने वाले अतिथियों को सम्मानित किया गया।
धार्मिक नगरी कोसीकलां में आर्य समाज के 88वें वार्षिकोत्सव के समापन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 21 कुंडीय सुख-समृद्धि महायज्ञ का आयोजन किया गया। महायज्ञ के ब्रह्मा वैदिक प्रवक्ता आचार्य संजय याजिक रहे। उनके निर्देशन में वैदिक मंत्रों के साथ यज्ञ संपन्न कराया गया, जिसमें नगर के 84 जोड़ों सहित समाजसेवियों और गणमान्य लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने भी यज्ञ में आहुति देकर नगर और प्रदेश की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में भाजपा नेता तरुण सेठ, सुनील शेरगड़िया, वेद प्रकाश मित्तल, राजेंद्र आर्य, अंकित मालवीय, ललित एडवोकेट, जेपी मिश्रा, भानु प्रताप ठाकुर, देशबंधु अग्रवाल, कन्हैया लाल गोयल और नरेश कुमार आर्य सहित अनेक लोगों ने यज्ञ में सहभागिता की।
महायज्ञ के समापन पर पूर्णाहुति और शांति पाठ किया गया। इसके बाद आर्य समाज के संरक्षक ओमप्रकाश आर्य, प्रधान डॉ. प्रकाश आर्य, मंत्री सुरेंद्र आर्य, प्रबंधक नरेंद्र आर्य, अजय आर्य और सत्यप्रकाश आर्य ने कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण को दुपट्टा, माला और वार्षिकोत्सव का सम्मान चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही कार्यक्रम में सहयोग देने वाले अतिथियों और समाजसेवियों का भी सम्मान किया गया।
वार्षिकोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यज्ञ भारतीय वैदिक परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है और इससे समाज में सुख-समृद्धि की भावना मजबूत होती है। उन्होंने आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज में फैले पाखंड और कुरीतियों को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया। वहीं, कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष धर्मवीर अग्रवाल ने महर्षि दयानंद सरस्वती की भव्य प्रतिमा स्थापित करने और पार्क विकसित करने की घोषणा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने कहा कि आर्य समाज ने वैदिक सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार और समाज में जागरूकता लाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने सामूहिक यज्ञ जैसे आयोजनों को सामाजिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
वहीं, मंच से नगरपालिका अध्यक्ष धर्मवीर अग्रवाल ने महाराजा अग्रसेन चौराहे के सामने महर्षि दयानंद मार्ग के समीप महर्षि दयानंद सरस्वती की भव्य प्रतिमा स्थापित कराने और पार्क विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे मार्ग की पहचान को बढ़ावा मिलेगा और महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। पालिकाध्यक्ष की इस घोषणा का आर्य समाज के लोगों ने स्वागत करते हुए उनकी सराहना की
आर्य समाज के 88वें वार्षिकोत्सव के समापन पर आयोजित 21 कुंडीय सुख-समृद्धि महायज्ञ में वैदिक परंपराओं के साथ लोककल्याण का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में आचार्य संजय याजिक और प्रमुख उपदेशक आचार्य डॉ. कपिल मलिक ने सामूहिक यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से आर्य समाज के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार होता है और समाज में सद्भाव की भावना मजबूत होती है।
महायज्ञ के ब्रह्मा आचार्य संजय याजिक और प्रमुख उपदेशक आचार्य डॉ. कपिल मलिक ने कहा कि आर्य समाज सदैव लोककल्याण और मानव सेवा की भावना के साथ कार्य करता रहा है। सामूहिक यज्ञ के माध्यम से लोगों को वैदिक संस्कृति, संस्कारों और सामाजिक एकता का संदेश दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आर्य समाज का उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियों को दूर करना और लोगों को सत्य, सदाचार तथा वैदिक जीवन मूल्यों के प्रति जागरूक करना है।
इस तरह कोसीकलां में 21 कुंडीय सुख-समृद्धि महायज्ञ, वैदिक मंत्रोच्चार और समाजसेवियों के सम्मान के साथ आर्य समाज का 88वां वार्षिकोत्सव संपन्न हो गया।
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