संपूर्ण समाधान दिवस में DM-SSP ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं, सदर तहसील के कार्यालयों का...
- 11h ago
मथुरा। थाना गोवर्धन पुलिस ने फर्जी बैनामा कर करीब 75 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में मुख्य आरोपी और एक बिचौलिए को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर पहले बेची जा चुकी भूमि का दोबारा फर्जी बैनामा कर वादी पक्ष से लाखों रुपये हड़पने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह उम्मेद उर्फ उमेशचंद को ग्राम गांठौली स्थित उसके घर से तथा दुर्गाप्रसाद को उसकी दुकान से गिरफ्तार किया गया। दोनों के खिलाफ थाना गोवर्धन में मु0अ0सं0 316/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 352 और 351(2) में मुकदमा दर्ज है।
पुलिस के अनुसार, वादी की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में आरोप है कि अभियुक्तों ने अपनी पूरी जमीन पहले ही अन्य लोगों को बेच दी थी। इसके बावजूद उन्होंने प्लॉट बेचने का झांसा देकर वादी और उसके भाइयों के नाम फर्जी एवं कूटरचित बैनामा तैयार कराया और उसे असली बताकर 11 सितंबर 2025 को मथुरा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत करा दिया।
जांच में सामने आया कि ग्राम गांठौली की खसरा संख्या 381 की भूमि पहले ही विभिन्न लोगों के नाम बेची जा चुकी थी। इसके बावजूद आरोपियों ने शेष भूमि न होने की जानकारी छिपाकर 276.46 वर्गमीटर भूमि का दोबारा बैनामा कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, इस सौदे की कुल कीमत लगभग 75 लाख रुपये थी, जिसमें आरोपियों ने वादी पक्ष से 56.20 लाख रुपये नकद और 13.80 लाख रुपये चेक के माध्यम से प्राप्त किए।
विवेचना में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार दुर्गाप्रसाद ने पूरे सौदे में बिचौलिये की भूमिका निभाई। उसे वास्तविक स्थिति की जानकारी होने के बावजूद उसने फर्जी बैनामा कराने में सहयोग किया और इसके बदले कमीशन भी लिया।
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
मथुरा। थाना गोवर्धन पुलिस ने फर्जी बैनामा कर करीब 75 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में मुख्य आरोपी और एक बिचौलिए को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर पहले बेची जा चुकी भूमि का दोबारा फर्जी बैनामा कर वादी पक्ष से लाखों रुपये हड़पने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह उम्मेद उर्फ उमेशचंद को ग्राम गांठौली स्थित उसके घर से तथा दुर्गाप्रसाद को उसकी दुकान से गिरफ्तार किया गया। दोनों के खिलाफ थाना गोवर्धन में मु0अ0सं0 316/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 352 और 351(2) में मुकदमा दर्ज है। पुलिस के अनुसार, वादी की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में आरोप है कि अभियुक्तों ने अपनी पूरी जमीन पहले ही अन्य लोगों को बेच दी थी। इसके बावजूद उन्होंने प्लॉट बेचने का झांसा देकर वादी और उसके भाइयों के नाम फर्जी एवं कूटरचित बैनामा तैयार कराया और उसे असली बताकर 11 सितंबर 2025 को मथुरा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत करा दिया। जांच में सामने आया कि ग्राम गांठौली की खसरा संख्या 381 की भूमि पहले ही विभिन्न लोगों के नाम बेची जा चुकी थी। इसके बावजूद आरोपियों ने शेष भूमि न होने की जानकारी छिपाकर 276.46 वर्गमीटर भूमि का दोबारा बैनामा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, इस सौदे की कुल कीमत लगभग 75 लाख रुपये थी, जिसमें आरोपियों ने वादी पक्ष से 56.20 लाख रुपये नकद और 13.80 लाख रुपये चेक के माध्यम से प्राप्त किए। विवेचना में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार दुर्गाप्रसाद ने पूरे सौदे में बिचौलिये की भूमिका निभाई। उसे वास्तविक स्थिति की जानकारी होने के बावजूद उसने फर्जी बैनामा कराने में सहयोग किया और इसके बदले कमीशन भी लिया। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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