नौहझील में कांग्रेस के संगठन सृजन कार्यक्रम में विवाद, युवा नेताओं ने जिलाध्यक्ष पर लगाए...
- 11h ago
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला। सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लेकर विरोध प्रदर्शन करने पर जसराना से समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की चेतावनी के बावजूद विरोध जारी रखने के बाद सचिन यादव को सदन से बाहर निकलवाया गया और बाद में उन्हें पूरे मौजूदा सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।
मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायकों ने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के मुद्दे सहित कई विषयों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी विधायक सदन के वेल में पहुंच गए और हंगामा तेज हो गया।
इसी दौरान जसराना विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक सचिन यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर हाथ में लेकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इस पर आपत्ति जताई और सचिन यादव को ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी।
रिपोर्ट के मुताबिक चेतावनी दिए जाने के बावजूद विरोध जारी रहने पर विधानसभा अध्यक्ष ने सचिन यादव को सदन से बाहर जाने का निर्देश दिया। जब वह बाहर नहीं गए तो मार्शलों को बुलाकर उन्हें सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया गया।
मार्शल जैसे ही सचिन यादव को बाहर निकालने के लिए आगे बढ़े, अन्य समाजवादी पार्टी के विधायक भी उनके समर्थन में आ गए। कई विधायकों ने उन्हें घेर लिया और बाहर ले जाने का विरोध किया। इसके बाद सदन में धक्का-मुक्की और हंगामे जैसी स्थिति बन गई।
विधानसभा अध्यक्ष ने सचिन यादव का समर्थन कर रहे अन्य विधायकों को भी चेतावनी दी कि सदन की कार्यवाही में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। हंगामा लगातार बढ़ने के कारण सदन की कार्यवाही भी प्रभावित हुई।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना संबोधन पूरा नहीं कर सके। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार नियमों के तहत आने वाले सभी मुद्दों पर चर्चा और जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन का बहुमूल्य समय नष्ट कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के विधायकों के व्यवहार को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि प्रदेश की जनता सदन में हो रहे घटनाक्रम को देख रही है। उन्होंने विपक्ष पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप लगाया।
हंगामे के बाद सपा विधायक सचिन यादव के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई भी की गई। विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे की ओर से जारी पत्र के मुताबिक 4 अगस्त 2026 को सदन द्वारा पारित प्रस्ताव के आधार पर सचिन यादव को उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य-संचालन नियमावली 2023 के नियम 299(1) के तहत दोपहर 1 बजकर 25 मिनट से पूरे सत्र के लिए सदन की सेवा से निलंबित किया गया है।
निलंबन की अवधि के दौरान सचिन यादव विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इसके साथ ही वह सदन और उसकी समितियों की कार्यवाही में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में ही सपा विधायक को कड़ी चेतावनी देते हुए कार्रवाई की बात कही थी। इसके बावजूद हंगामा नहीं थमने और सदन की कार्यवाही प्रभावित होने के बाद निलंबन की कार्रवाई सामने आई।
समाजवादी पार्टी के विरोध, सचिन यादव को सदन से बाहर निकालने और इसके बाद पूरे सत्र के लिए निलंबित किए जाने से मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा का माहौल काफी गरमाया रहा। मुख्यमंत्री का संबोधन भी हंगामे के कारण पूरा नहीं हो सका और आखिरकार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर