नौहझील में कांग्रेस के संगठन सृजन कार्यक्रम में विवाद, युवा नेताओं ने जिलाध्यक्ष पर लगाए...
- 11h ago
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल देखने को मिला है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ और पार्टी कोऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। अशोक सिद्धार्थ मायावती के भतीजे और बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद के ससुर हैं।
मायावती ने दोनों नेताओं पर लगातार अनुशासनहीनता और पार्टी के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। अशोक सिद्धार्थ को इससे पहले भी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी से निष्कासित किया गया था। बाद में उन्हें इस शर्त पर वापस लिया गया कि भविष्य में ऐसी शिकायतें नहीं आएंगी। इसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश के बाहर संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
मायावती के मुताबिक, इसके बावजूद कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से अशोक सिद्धार्थ के खिलाफ पार्टी के निर्देशों के उल्लंघन और अनुशासनहीनता की शिकायतें मिलती रहीं। पहले उनसे संगठनात्मक जिम्मेदारियां वापस ली गईं और अब उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। मायावती ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में उन्हें दोबारा बसपा में शामिल नहीं किया जाएगा।
इसी के साथ रणधीर सिंह बेनीवाल पर भी कार्रवाई की गई है। बेनीवाल को पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में संगठन की जिम्मेदारी दी गई थी। उनके खिलाफ भी अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों के उल्लंघन की शिकायतों का हवाला देते हुए उन्हें बसपा से बाहर कर दिया गया है।
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मायावती की इस कार्रवाई को बसपा में अनुशासन और संगठनात्मक नियंत्रण से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं पार्टी में आकाश आनंद की भूमिका को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ का दोबारा निष्कासन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर