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- 11h ago
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित द्वितीय केदार मध्यमहेश्वर धाम की यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लगातार बारिश और नदी के तेज बहाव के कारण मोरखंडा नदी पर बनी अस्थायी पुलिया बह गई है। इसके बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को नदी पार कराने के लिए ट्रॉली का सहारा लेना पड़ रहा है। सावन में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने के कारण ट्रॉली के दोनों तरफ लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2013 में आई भीषण आपदा के दौरान मोरखंडा नदी पर बना स्थायी पुल बह गया था। इसके बाद से बरसात के मौसम में यहां आवाजाही की समस्या सामने आती रही है। इस बार भी बारिश शुरू होने के बाद अस्थायी पुलिया तेज बहाव में बह गई और ट्रॉली ही नदी पार करने का प्रमुख सहारा बन गई।
इसी बीच सोमवार को यहां दर्दनाक हादसा हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश का रहने वाला एक कांवड़ यात्री ट्रॉली में बैठने की कोशिश कर रहा था। भीड़ के बीच धक्का लगने से वह मोरखंडा नदी में जा गिरा। हादसे में यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए रुद्रप्रयाग ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
हादसे के बावजूद मध्यमहेश्वर धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ बनी हुई है। ट्रॉली के दोनों छोर पर लंबी लाइनें लगी हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से नदी पार कराने और भीड़ को नियंत्रित करने की बड़ी चुनौती है।
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