'कार्यकाल 5 साल का, फिर 7 साल से राज्यपाल क्यों?' आनंदीबेन पटेल पर स्वामी प्रसाद मौर्य का सवाल

  • 6 days ago
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उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर राज्यपाल की नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की ओर से की जा रही नियुक्तियों को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने खास तौर पर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी यानी KGMU के कुलपति की नियुक्ति को लेकर सवाल उठाते हुए नियुक्ति प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगा है।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब KGMU की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद को दूसरे कार्यकाल के लिए नियुक्त किए जाने की खबर सामने आई है। वह KGMU के इतिहास में दूसरा कार्यकाल पाने वाली पहली कुलपति बनी हैं।

स्वामी प्रसाद मौर्य का सवाल है कि विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां करते समय किन नियमों और मानकों का पालन किया जा रहा है। उन्होंने नियुक्तियों की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

KGMU उत्तर प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल है और यहां कुलपति का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद अगस्त 2023 में KGMU की कुलपति नियुक्त हुई थीं और अब उन्हें दूसरा कार्यकाल मिला है।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने इसी नियुक्ति समेत राज्यपाल के स्तर से होने वाली नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए सरकार और राजभवन से प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग की है।

स्वामी प्रसाद मौर्य के सवालों के बाद प्रदेश में नियुक्तियों की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। मामला सिर्फ एक नियुक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र और नियुक्तियों की प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

अब देखना होगा कि राजभवन या सरकार की ओर से इन सवालों पर क्या जवाब सामने आता है और KGMU समेत अन्य नियुक्तियों को लेकर उठाए गए सवालों पर स्थिति कितनी स्पष्ट होती है।

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