दिल्ली वालों को बड़ी राहत: मयूर विहार से AIIMS अब सिर्फ 15 मिनट में, ₹1,330 करोड़ का बारापुला फेज-3 तैयार

  • 13 days ago
  • 229 views


दिल्ली-NCR में रोजाना ट्रैफिक जाम से जूझने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। करीब एक दशक से इंतजार किया जा रहा बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर अब बनकर तैयार हो गया है। इसके शुरू होने के बाद पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार से दक्षिणी दिल्ली स्थित AIIMS तक का सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा। जिस दूरी को तय करने में अभी ट्रैफिक के कारण लंबा समय लग जाता है, उसे नए कॉरिडोर के जरिए करीब 15 से 20 मिनट में पूरा किए जाने की उम्मीद है।

करीब 3.5 किलोमीटर लंबे बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लोक निर्माण विभाग यानी PWD ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर इसके उद्घाटन की तारीख तय करने का अनुरोध किया है। हालांकि उद्घाटन की अंतिम तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन अगस्त महीने में इसे आम जनता के लिए खोलने की तैयारी है।

बारापुला फेज-3 के शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच रोजाना सफर करने वाले लोगों को मिलेगा। मयूर विहार फेज-1 से AIIMS के साथ INA, साउथ एक्स और सरोजिनी नगर जैसे इलाकों तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा।

कॉरिडोर को इस तरह तैयार किया गया है कि यात्रियों को सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिल सके। वाहन चालक मयूर विहार से सराय काले खां होते हुए पहले से मौजूद बारापुला कॉरिडोर के जरिए दक्षिणी दिल्ली की तरफ जा सकेंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक मयूर विहार से AIIMS की तरफ जाने में फिलहाल ट्रैफिक की स्थिति के आधार पर करीब 40 से 60 मिनट तक लग सकते हैं। नया कॉरिडोर शुरू होने के बाद यह सफर लगभग 15 से 20 मिनट में पूरा होने का अनुमान है।

इस कॉरिडोर से केवल दिल्ली के लोगों को ही नहीं, बल्कि नोएडा और गाजियाबाद की तरफ से दक्षिणी दिल्ली आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। मयूर विहार के रास्ते दक्षिणी दिल्ली की ओर जाने वाले लोगों को कई व्यस्त चौराहों और ट्रैफिक सिग्नलों से राहत मिलेगी।

नया एलिवेटेड कॉरिडोर शुरू होने के बाद NH-24, DND फ्लाईवे, सराय काले खां जंक्शन और रिंग रोड पर वाहनों का दबाव कम होने की भी उम्मीद जताई जा रही है। विशेष रूप से व्यस्त समय में इन इलाकों में लगने वाले जाम से यात्रियों को राहत मिल सकती है।

बारापुला फेज-3 परियोजना का सफर काफी लंबा रहा है। परियोजना को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी और 2015 में निर्माण कार्य शुरू किया गया। शुरुआत में इसे वर्ष 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अलग-अलग कारणों के चलते परियोजना निर्धारित समय में पूरी नहीं हो सकी।

भूमि अधिग्रहण से जुड़ी परेशानियों, निर्माण से संबंधित अड़चनों और अन्य कारणों से परियोजना लगातार पिछड़ती चली गई। नतीजा यह रहा कि जिस कॉरिडोर को कुछ वर्षों में तैयार होना था, उसे पूरा होने में करीब एक दशक का समय लग गया।

परियोजना में हुई देरी का असर इसकी लागत पर भी पड़ा। शुरुआत में इसकी अनुमानित लागत करीब 964 करोड़ रुपये बताई गई थी, जो बाद में बढ़कर लगभग 1,330 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

लंबे इंतजार के बाद अब कॉरिडोर तैयार है और PWD उद्घाटन की तारीख तय होने का इंतजार कर रहा है। इसके जनता के लिए खुलते ही पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच एक महत्वपूर्ण सिग्नल-फ्री मार्ग उपलब्ध हो जाएगा।

कॉरिडोर शुरू होने से यात्रा का समय कम होने के साथ वाहनों के बार-बार रुकने की समस्या भी घटेगी। इससे ईंधन की बचत होने और व्यस्त सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की संभावना जताई जा रही है।

करीब एक दशक की देरी के बाद तैयार हुआ बारापुला फेज-3 दिल्ली के महत्वपूर्ण सड़क बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में शामिल है। अब लोगों की निगाह इसके उद्घाटन की तारीख पर टिकी है। इसके खुलने के बाद मयूर विहार से AIIMS और दक्षिणी दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों तक पहुंचने वाले लाखों यात्रियों का सफर पहले के मुकाबले काफी आसान हो सकता है।

🔴 LIVE UPDATES

Abhi News YouTube चैनल को Subscribe करें

ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं

▶ Subscribe Now