नौहझील में कांग्रेस के संगठन सृजन कार्यक्रम में विवाद, युवा नेताओं ने जिलाध्यक्ष पर लगाए...
- 11h ago
अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी को अमेरिका में चल रहे बहुचर्चित रिश्वत और फ्रॉड मामले में बड़ी राहत मिली है। अमेरिका की संघीय अदालत ने गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ आपराधिक आरोपों को खारिज कर दिया है। यह मामला 2024 में अमेरिकी अभियोजकों द्वारा कथित रिश्वतखोरी और निवेशकों को गुमराह करने के आरोपों को लेकर दर्ज किया गया था। अडानी और अडानी ग्रुप ने आरोपों से इनकार किया था।
अमेरिकी जिला न्यायाधीश निकोलस गारॉफिस ने मामले को खारिज करने की अनुमति दी। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी न्याय विभाग ने खुद इस आपराधिक मामले को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया था। अदालत का यह फैसला अडानी ग्रुप के लिए एक बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है।
अमेरिकी अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि अडानी से जुड़े लोगों ने भारत में सोलर पावर कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए करीब 265 मिलियन डॉलर की कथित रिश्वत योजना में भूमिका निभाई और अमेरिकी निवेशकों को कंपनी की भ्रष्टाचार-रोधी व्यवस्था के बारे में गुमराह किया।
हालांकि, गौतम अडानी और अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को गलत बताया था। बाद में अमेरिकी न्याय विभाग ने मामले को आगे बढ़ाने के लिए संसाधन खर्च नहीं करने का निर्णय लिया।
इस आपराधिक मामले के खारिज होने से अडानी ग्रुप को अमेरिका में चल रही कानूनी चुनौतियों के मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है। हालांकि, इससे जुड़े अलग सिविल मामलों और अन्य नियामकीय मामलों को इस फैसले से अलग समझना जरूरी है। रिपोर्ट के मुताबिक गौतम अडानी और सागर अडानी ने अमेरिकी SEC से जुड़े अलग सिविल मामले में क्रमशः 6 मिलियन और 12 मिलियन डॉलर के भुगतान पर समझौता किया है।
कुल मिलाकर, अमेरिकी अदालत का यह फैसला गौतम अडानी और अडानी ग्रुप के लिए महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम है और अब इस मामले में आपराधिक कार्रवाई का रास्ता बंद हो गया है।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर