मथुरा के गोवर्धन स्थित ऐतिहासिक ठाकुर श्री हरिदेव जी महाराज मंदिर में सेवा अधिकार को लेकर गोस्वामी समाज के दो गुटों के बीच विवाद गहरा गया है। विवाद इतना बढ़ गया कि देर रात मंदिर के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
स्थानीय सूत्रों और गोस्वामी समाज के लोगों का आरोप है कि गोवर्धन पुलिस ने मंदिर के मुख्य द्वार पर ताला लगवाया। इसे लेकर लोगों ने सवाल उठाए हैं कि निजी सेवा विवाद में पुलिस ने मंदिर बंद कराने जैसा कदम किस आधार पर उठाया। तालेबंदी के बाद लोगों का कहना है कि ठाकुर जी अपने ही मंदिर में “कैद” हो गए।
बताया जा रहा है कि मुख्य द्वार बंद होने के बाद कुछ लोग मंदिर के पीछे के दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश कर गए और खुद को मंदिर के भीतर बंद कर सेवा करने लगे। दूसरे पक्ष ने आरोप लगाया है कि यह लोग जबरन सेवा अधिकार पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं।
दरअसल मंदिर में 16 परिवारों के बीच हर महीने रोटेशन के आधार पर सेवा का अधिकार तय होता है। इस माह सेवा को लेकर गोविंद गोस्वामी और सुरेश चंद्र गोस्वामी का दावा है कि नियमानुसार सेवा उनकी बारी में थी। वहीं दूसरे पक्ष पर पीछे का ताला तोड़कर मंदिर में घुसने का आरोप लगाया गया है।
विवाद के बीच मंदिर की नियमित पूजा व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। मंदिर में प्रतिदिन मंगला, श्रृंगार, राजभोग, संध्या और शयन आरती होती हैं, जिनको लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं।
करीब 5500 वर्ष पुराने माने जाने वाले ठाकुर श्री हरिदेव जी महाराज मंदिर को ब्रज के चार प्रमुख देव मंदिरों में शामिल किया जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण के प्रपौत्र ब्रजनाभ जी ने यहां विग्रह की स्थापना की थी। ऐसे में मंदिर पर ताला लगने और पूजा व्यवस्था प्रभावित होने से श्रद्धालुओं में भी आक्रोश है।
फिलहाल प्रशासन मामले को शांत कराने और दोनों पक्षों के बीच समाधान निकालने की कोशिश में जुटा है।