शनिवार शाम करीब 4:30 बजे सलेमपुर हाईवे निवासी 65 वर्षीय कांता पत्नी सुखदेव को परिजन सांस संबंधी परेशानी के चलते उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के गेट पर पहुंचने के बाद काफी देर तक महिला को स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हो सका। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात गार्डों ने महिला को सहारा देकर अस्पताल के अंदर पहुंचाया।
परिजनों के मुताबिक, महिला अस्पताल पहुंचने तक होश में थीं और अपने पैरों पर चल पा रही थीं, लेकिन उपचार शुरू होने से पहले ही उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया।
बताया गया कि कांता पिछले कई दिनों से सांस की बीमारी से परेशान थीं। शनिवार को हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अचानक हुई मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। परिजन सदमे में नजर आए और उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए शव को अपने साथ घर ले गए।
घटना को लेकर परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, महिला की मौत का वास्तविक कारण क्या रहा और स्ट्रेचर उपलब्ध होने में देरी का उपचार पर कोई प्रभाव पड़ा या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा